Agra News: आगरा में एक ऐसा सनसनखेज मामला सामने आया है। जिसने सभी माता पिता की नींद उड़ा दी है। दरअसल आगरा में 8 वर्षीय बच्ची गायब होती है और कुछ घंटे बाद उसकी हत्या की खबर सामने आती है, जिसके बाद पूरी इलाके में सनसनी मच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ताजगंज क्षेत्र के गोबर चौकी निवासी दिनेश कुमार की 8 वर्षीय बेटी प्रज्ञा 24 मार्च की शाम लगभग 4 बजे घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी।
इसके बाद वह अचानकर गायब हो जाती है। जिसके बाद परिजन तुरंत पुलिस को सूचना देते है। वहीं घटना के अगले दिन यानि 25 मार्च को बच्ची की लाश मिलती है। जिससे पूरा इलाके में सनसनी मच जाती है। वहीं अब मृतका की मां ने आरोपी ने कहा है कि उन्हें आरोप के टुकड़े चाहिए, चलिए आपको बताते है क्या है पूरा मामला।
किराएदार के घर में मिली बच्ची की लाश
बच्ची प्रज्ञा की लाश बुधवार की रात किराएदार के कमरे में मिली। जानकारी के मुताबिक ड्रम को लाल कपड़े से बांधा गया था। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोगों ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दिया। दरअसल सिद्धार्थ नगर निवासी घर में ही जूता का कारखाना चलाते है। उसी घर में किराए पर सुशील कुमार और उसकी मां रहती थी। बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने जब छानबीन की, तो सुशील के घर से बच्ची की लाश निकली। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द ही तलाश कर ली जाएगी। वहीं अब इस मामले में मृतका का मां ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि हत्या का अभी तक असली कारण नहीं चल सका है।
मृतका का मां ने पुलिस के कर दी ये खास मांग
सचिन कुमार गुप्ता नाम के एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर किया गया है। जिसमे मृतका प्रज्ञा का मां कहती हुई नजर आ रही है कि “उसका नाम प्रज्ञा था, 8 साल की लड़की थी। चौक से गायब हो गई थी लड़की, पुलिस पर कंफर्म किया था तो पुलिस ने कहा की ढूंढ रहे है।
उत्तर प्रदेश –
आगरा में 8 वर्षीय बच्ची प्रज्ञा की हत्या करके लाश आटे के कनस्तर में पैक कर दी गई। ये कनस्तर किरायेदार सुनील के कमरे में रखा था। सुनील लापता है, उसी पर हत्या करने का शक है।@madanmohansoni pic.twitter.com/KYqMtW0CKH— Sachin Gupta (@Sachingupta) March 26, 2026
हमारे घर में देखा था। फिर दूसरी पुलिस आई पुलिस ने बोला था कि लड़की मिल जाएगी। उसके टुकड़े मिले थे। आटे के कनस्तर में थे, किराएदार के कमरे में मिली, उसका नाम सुनील कुमार है। एक साल से रह रहा था। हमारा कुछ नहीं लगता था। हम चाहते है कि जैसे हमारी लड़की के टुकड़े किए है, वैसे ही उसे टुकड़े चाहिए, हमे फांसी नहीं चाहिए।
