Aligarh Muslim University: यूपी के एक बड़े शिक्षण संस्थान से सेकुलर मूल्यों से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। पूरी खबर प्रतिष्ठित संस्थान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से जुड़ी है। एएमयू में कार्यरत प्रोफेसर रचना कौशल ने डीन प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद पर सेकुलर मूल्यों के साथ खिलवाड़ करने और उन्हें मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए हैं। राजनीति विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर रचना कौशल का आरोप है कि उनके साथ धार्मिक पहचान के कारण उत्पीड़न होता है। पीड़िता प्रोफेसर ने डीन के खिलाफ पत्र लिखते हुए आरोप लगाए हैं कि वे उन्हें बीएचयू जाने की धमकी देते हैं। इस पूरे प्रकरण ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को फिर विवादों में खड़ा किया है।
हिंदू प्रोफेसर के साथ डीन नफीस अहमद के बर्ताव से छिड़ा विवाद
एएमयू में राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर रचना कौशल ने डीन मोहम्मद नफीस अहमद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कथित तौर पर पीड़िता प्रोफेसर रचना कौशल का आरोप है कि डीन ने उनके साथ धार्मिक पहचान के आधार पर उत्पीड़न किया। पीड़िता से कहा गया कि “तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ।” इसको आधार बनाते हुए रचना कौशल ने विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत दर्ज कराई है। प्रोफेसर रचना ने संविधान और विश्वविद्यालय की धर्मनिरपेक्ष परंपरा का जिक्र करते हुए डीन मोहम्मद नफीस अहमद के बर्ताव को गलत बताया है। पीड़िता ने डीन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
सेकुलर मूल्यों से खिलवाड़ के आरोप को लेकर सवालों में Aligarh Muslim University
सूबे का ये प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेकुलर मूल्यों से खिलवाड़ के आरोप को लेकर सवालों में है। प्रोफेसर रचना कौशल के साथ कथित रूप से धार्मिक आधार पर उत्पीड़न को लेकर उबाल की स्थिति है। पीड़िता का आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से प्रताड़ना को झेल रही हैं। उन्होंने शिकायत में अपने गर्भावस्था के दौरान मानसिक दबाव के कारण जुड़वां बच्चों का मिसकैरेज झेलने का आरोप भी लगाया है। डीन मोहम्मद नफीस अहमद के खिलाफ पत्र लिखते हुए पीड़िता ने उन पर सांप्रदायिक टिप्पणियां, पद के दुरुपयोग और शत्रुतापूर्ण माहौल बनाने के गंभीर आरोप लगाया है। इसको लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी सवालों में है और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर चर्चा हो रही है।
