CM Yogi Adityanath: भारत में रामसर साइट्स की संख्या 130 हो गई है और इसमें उत्तर प्रदेश सौज झील का नाम शुमार हो गया है। यह दिखाता है कि भारत आर्द्रभूमि (वेटलैंड) संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर साइटों की सूची में शामिल किया गया है। इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से क्या कहा गया है और किस तरह से यूपी के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है।
यूपी ने रामसर साइट्स में इतिहास किया दर्ज
A proud moment for Uttar Pradesh as Sauj Jheel earns the prestigious Ramsar recognition.
Under the visionary leadership of Hon. PM Shri @narendramodi Ji, India’s commitment to protecting its rich natural heritage continues to gain renewed momentum.
This new distinction reflects the rich natural heritage of our state and our unwavering commitment to preserving it for generations to come.
Heartiest congratulations to the people of Uttar Pradesh on this significant achievement.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 15, 2026
मर्सल सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक रिपोर्ट को खुद शेयर किया है जहां बताया गया कि “यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आर्द्रभूमियों को कितना महत्व दे रही है। ये आर्द्रभूमियां जैव विविधता के संरक्षण, जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ाने, तथा स्थानीय आजीविका को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
इन नए स्थलों का जुड़ना, भारत द्वारा अपने समृद्ध आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और उनसे मिलने वाले पारिस्थितिक, जलवायु संबंधी तथा आजीविका संबंधी लाभों को मजबूत करने के प्रयासों को और पुख्ता करता है।”
यूपी के लिए क्यों CM Yogi Adityanath ने बताया नई पहचान
वहीं इसे लेकर बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “यह उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व का क्षण है, क्योंकि सौज झील को प्रतिष्ठित रामसर मान्यता मिली है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत की अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को नई गति मिल रही है। यह नई पहचान हमारे राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत को दर्शाती है, और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित रखने के हमारे दृढ़ संकल्प को भी दिखाती है।”
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए सीएम योगी नजर आए हैं क्योंकि निश्चित तौर पर यह आने वाले पीढ़ियों को प्राकृतिक विरासत के बारे में महत्व समझाने के लिए भी काफी है।
