CM Yogi Adityanath: नवरात्रि के दौरान मां के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं इस सबके बीच मां कात्यायनी के रूप को लेकर सीएम योगी ने बताया कि कैसे नारी शक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पर पराक्रम का प्रतीक माता का यह स्वरूप माना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और साहस को लेकर एक अलग ही बदलाव देखने को मिला है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे पिछले 9 वर्षों में परिवर्तन का दौर देखा गया है।
भय और अराजकता से CM Yogi Adityanath ने महिलाओं को दी सुरक्षा
समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली माँ कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं।
वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उनकी प्रतिभा अवसरों के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी।
खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।
विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है।
गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।
ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।
इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
जय माँ कात्यायनी।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 16, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा, “समस्त बढ़ाओ और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उनकी प्रतिभा अवसरों के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी।”
खेल के मामले में यूपी में दिखा क्रांति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।
कैसे यूपी की महिलाओं ने विश्व में दिखा दिया दमखम
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की उपलब्धियां को गिनाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है।
कैसे यूपी की महिलाओं की सुनाई दे रही गूंज
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
कहीं ना कहीं सीएम योगी आदित्यनाथ का यह पोस्ट बताता है कि पिछले 9 सालों में महिलाओं का खेल में एक अलग विकास देखने को मिला है।
