दीपोत्सव कुम्हारों और छोटे व्यापारियों के लिए बना कारोबार का अवसर, CM Yogi Adityanath ने आस्था में आजीविका की दी सौगात

CM Yogi Adityanath: दीपोत्सव सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश के श्रमिकों कुम्हार और छोटे व्यापारियों के लिए व्यवसाय भी बन गया है। यह कहीं ना कहीं सरकार की वजह से संभव हो सका है। जानिए पूरी डिटेल्स क्या है।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: प्रभु श्रीराम की नगरी जिसकी झलक दीपोत्सव के दौरान देखने के लिए लोग पहले से लालायित हैं। अयोध्या नगरी इस भव्य आयोजन के लिए फिलहाल पूरी तरह से तैयारी में है। हालांकि सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से इस भव्य दीपोत्सव के आयोजन को खास नाम दिया गया क्योंकि इसकी वजह से कई किसानों कुम्हारों के मेहनत और कई परिवारों की आजीविका को भी ध्यान रखा जा रहा है। कैसे इसकी वजह से हर संभव लोगों को फायदा हो रहा है और भव्य दीपोत्सव क्यों इस मायने में भी खास है। इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक पोस्ट लिखकर इस आयोजन को खास बताने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया।

CM Yogi Adityanath ने भव्य दीपोत्सव को लेकर 2017 से तुलना

सीएम योगी आदित्यनाथ ने x प्लेटफार्म पर कहा कि “श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्वलित हर दीप किसी कुम्हार के श्रम, किसी किसान की उपज और किसी परिवार की आजीविका को नया प्रकाश दे रहा है। लेकिन वर्ष 2017 के पूर्व यह प्रकाश नहीं था। राम नगरी की अपार सांस्कृतिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने की कोई पहल नहीं हुई। आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच का पूर्णतः अभाव था। डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को दूर किया।

दीपोत्सव की खासियत पर क्या बोले सीएम योगी

इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव आज कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम एवं कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है। जिस दीये से राम नगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है।”

निश्चित तौर पर दीपोत्सव एक तरफ आस्था तो दूसरी तरफ आप आजीविका बढ़ाने के लिए भी सौगात से कम नहीं है।

 

 

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