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CM Yogi Adityanath: सीएम योगी के विजन से प्रदेश में इको टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम, बांधों और जलाशयों पर विकसित होंगी पर्यटन गतिविधियां

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत यूपी इको टूरिज्म बोर्ड और सिंचाई विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स आधारित पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इस योजना से पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath, Photo Credit: Google

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत यूपी इको टूरिज्म बोर्ड और सिंचाई विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स आधारित पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इस योजना से पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

बोटिंग, फिशिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और एक्वा प्रेशर वॉकवे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी

योजना के तहत झांसी की गढ़मऊ झील, बांदा का नवाब टैंक, महोबा का अर्जुन डैम, सोनभद्र का ढंढरौल डैम, हमीरपुर का मौदहा डैम, चित्रकूट का गुंता डैम और सिद्धार्थनगर का मझौली सागर इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रवेश द्वार, कॉटेज, टिकट काउंटर, कैंटीन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही बोटिंग, फिशिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और एक्वा प्रेशर वॉकवे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी।

चित्रकूट के गुंता डैम में प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए सुविधा क्षेत्र

इनमें सिद्धार्थनगर का मझौली सागर सबसे बड़ी परियोजना है, जहां 88.2 हेक्टेयर क्षेत्र में इंटरप्रिटेशन सेंटर, फ्लोटिंग जेट्टी, टॉय ट्रेन, कॉटेज और रेस्टोरेंट सहित कई सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। सोनभद्र के ढंढरौल डैम क्षेत्र में फसाड लाइटिंग, पार्किंग, जेट्टी और सूचना केंद्र, बांदा के नवाब टैंक में म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्क्रीन, महोबा के अर्जुन डैम में सन मंदिर क्षेत्र में नई पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में चित्रकूट के गुंता डैम में प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए सुविधा क्षेत्र, झांसी की गढ़मऊ झील में पाथवे और कैफेटेरिया तथा मौदहा डैम में ओपन एयर थिएटर, वॉच टावर और पार्क विकसित करने की योजना है।

पर्यटन विभाग ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिन क्षेत्रों में पहले से धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन मौजूद है, वहां पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और पर्यटन श्रृंखला और मजबूत होगी। परियोजनाओं को सिंचाई विभाग की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही इन क्षेत्रों में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, जिससे प्रदेश के राजस्व और स्थानीय रोजगार दोनों में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

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