CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेशलाइज्ड केयर और डिजिटल हेल्थ समाधानों के जरिए मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का दौर जारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर लोगों तक अच्छी हेल्थ केयर पहुंच रही है और युवाओं को रोजगार के भी अवसर मिल रहे हैं। 2017 के बाद कैसे उत्तर प्रदेश का हेल्थ सेक्टर में कायाकल्प हुआ है। इस बारे में पूरी जानकारी गवर्नमेंट आफ यूपी ने दी है जो निश्चित तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार की सफलता को बखूबी बयां करने के लिए काफी है।
कैसे युवाओं को मिल रहे मेडिकल क्षेत्र में अवसर
Under the leadership of Chief Minister @myogiadityanath Ji, Uttar Pradesh is advancing healthcare and medical education through wider infrastructure, specialised care, stronger disease-control systems and digital health solutions.
These efforts are expanding access to quality… pic.twitter.com/zvRI49Yyq7
— Government of UP (@UPGovt) September 18, 2026
साल 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में 49 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं और इसके साथ ही गवर्नमेंट आफ यूपी की तरफ से बताया गया कि एमबीबीएस सीटों की संख्या में लगभग तीन गुना ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। 4690 से बढ़कर 13600 हो गए हैं तो इसके साथ ही युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से रोजगार और आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर राज्य में आधुनिक चिकित्सा संस्थान विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल हेल्थ समाधान मजबूत हो रहे हैं।
मेडिकल सुविधाओं के लिए यूपी में जबरदस्त सुधार आया सामने
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से जिला और विशेष अस्पताल की संख्या 109 से बढ़कर 234 हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की संख्या 821 से 977 हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 3353 से बढ़कर 3756 हो गई है तो वहीं हेल्थ उपकेंद्र 20573 से बढ़कर 28845 हो गया। इसके साथ ही 23,556 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चालू है। ऑपरेशन प्लांट की संख्या जीरो से बढ़कर 455 और 2059 वेंटीलेटर चालू है। प्लास्टिक सर्जरी और बर्न यूनिट की सुविधा भी दी जा रही है जिसे 27 बताया गया तो सीटी स्कैन और डायलिसिस यूनिट उत्तर प्रदेश में 75 काम कर रहे हैं।
डेंगू जैसे संक्रामक रोगों पर हुआ नियंत्रण
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की वजह से डेंगू से होने वाली मृत्यु दर की कमी आई है। इसके अलावा कई और भी सुधार देखे गए हैं जहां संजीवनी पोर्टल के माध्यम से 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को परामर्श दिए जा चुके हैं। इसके अलावा कई संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
