CM Yogi Adityanath: एआई ने समाधान और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं और इसकी सशक्तिकरण में यूपी सरकार भी जुटी हुई है। इसके तहत सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के द्वितीय दिवस का उद्घाटन किया। ऐसे में क्वांटम फॉरेंसिक्स एवं विधिक अनुपालन पर आधारित LexQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एवं AI In Construction पुस्तक का विमोचन हुआ। साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज, जॉइंट सर्टिफिकेशन, रिसर्च एंड ग्लोबल एक्सपोजर को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न संस्थाओं के मध्य MoU का आदान-प्रदान भी हुआ।
AI के साथ कहां विकास पर फोकस कर रहे हैं CM Yogi Adityanath
एआई ने समाधान और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।
इन संभावनाओं को और सशक्त करते हुए आज लखनऊ में TechSangam अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के द्वितीय दिवस का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर क्वांटम फॉरेंसिक्स एवं विधिक अनुपालन पर आधारित LexQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एवं AI In Construction पुस्तक का विमोचन हुआ। साथ ही, फैकल्टी एक्सचेंज, जॉइंट सर्टिफिकेशन, रिसर्च एंड ग्लोबल एक्सपोजर को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न संस्थाओं के मध्य MoU का आदान-प्रदान भी हुआ।
रिसर्च, इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, एंप्लॉयमेंट, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और वर्ल्ड क्लास एजुकेशन के लिए @UPGovt हर सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है।
समिट की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 24, 2026
इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “रिसर्च, इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट, एंप्लॉयमेंट, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और वर्ल्ड क्लास एजुकेशन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार हर सहयोग हेतु प्रतिबद्ध है। समिट की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन।”
क्या है यूपी सीएम का राज्य को लेकर कोशिश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर कहा था कि “तकनीक की नई संभावनाओं को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान व प्रशिक्षित मानव संसाधन को बढ़ावा देना जरूरी है।
एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित यह आयोजन तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था व डिजिटल ट्रस्ट से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।”
कैसे 2017 के बाद तकनीकी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में आया प्रगति का दौर
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले देश की सबसे बड़ी आबादी वाले प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। विज्ञान और तकनीक की संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग न होने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अभाव में अपराधियों को कानून से बच निकलने का अवसर मिलता था। कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था। आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने हैं और प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
आत्मनिर्भर भारत में उत्तर प्रदेश की क्या होगी भूमिका
इतना ही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम को लेकर कहा था कि भारत को उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और उनके माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में यह संगम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आत्मनिर्भर भारत के सामर्थ्य से विकसित भारत के संकल्प को नई गति प्रदान करेगा।







