CM Yogi Adityanath ने गोरखपुर को दिया बड़ा तोहफा, 14 विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास, समझे इसके मायने

CM Yogi Adityanath: अगले कुछ महीनों में यूपी विधानसभा चुनाव होना है, जिसे देखते हुए सीएम योगी लगातार जिलों को नई सौगात दे रहे है।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: अगले कुछ महीनों में यूपी विधानसभा चुनाव होना है, जिसे देखते हुए सीएम योगी लगातार जिलों को नई सौगात दे रहे है। लगातार वह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे है। इसी बीच आज CM Yogi Adityanath ने गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर को विकास की नई सौगात देते हुए ₹995 करोड़ से अधिक लागत की 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जी की अगुवाई में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने का कार्य निरंतर गति से आगे बढ़ रहा है।

गोरखपर का होगा कायाकल्प

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर को विकास की नई सौगात देते हुए ₹995 करोड़ से अधिक लागत की 14 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। इनमें शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से पैडलेगंज तक 6 लेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास को जोड़ने वाले 4 लेन फ्लाईओवर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण भी शामिल है।

इन परियोजनाओं से गोरखपुर की आधारभूत संरचना और अधिक सुदृढ़ होगी, आवागमन सुगम बनेगा तथा व्यापार, निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आधुनिक शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ गोरखपुर आज तेजी से एक स्मार्ट, सुव्यवस्थित और विकसित शहर के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है”।

बुनियादी ढांचा तैयार – CM Yogi Adityanath 

बता दें कि CM Yogi Adityanath ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि “जब तरक्की होती है, तो खुशहाली अपने आप आती ​​है। एक बार जब खुशहाली का दौर शुरू हो जाता है, तो उसे कोई रोक नहीं सकता। यह ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा तैयार करने के अभियान का हिस्सा है।

इसका मकसद ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बनाना है, जो एक विकसित देश में होनी चाहिए। आज हम गोरखपुर में उस लक्ष्य की ओर एक और कदम बढ़ा रहे हैं। ज़रा सोचिए, आज लखनऊ से गोरखपुर का सफ़र तीन घंटे से कुछ ज़्यादा समय में पूरा किया जा सकता है। नौ या दस साल पहले, इसी सफ़र में सात से आठ घंटे लगते थे”।

 

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