CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के सरकारी और परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए एक खास पहल शुरू की गई है। CM Yogi Adityanath की सरकार ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बैगलेस सैटरडे’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत शनिवार को विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के बोझ से राहत देते हुए अलग-अलग गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। यानि इस दिन छात्र स्कूल में बैग लेकर नहीं जाएंगे। उन्हें अलग-अलग प्रकार की एक्टिविटी सीखाई जाएगी।
यूपी सरकार की विशेष पहल
नए शैक्षणिक सत्र के तहत उत्तर प्रदेश में 10 बैगलेस सैटरडे की शुरुआत हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसका पूरा कैलेंडर जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक इस दौरान खेल, क्लब और प्रैक्टिकल गतिविधियाँ विज्ञान,
No bags. More learning!
UP’s government schools are introducing Bagless Saturdays for Classes 6–8, turning Saturdays into a space for creativity, practical skills, sports and hands-on learning. pic.twitter.com/kzzl07NSYY
— Information and Public Relations Department, UP (@InfoDeptUP) August 12, 2026
टेक्नोलॉजी, कला, संस्कृति और पर्यावरण, कोडिंग, रोबोटिक्स, AI और एंटरप्रेन्योरशिप शैक्षिक दौरे और प्रैक्टिकल लर्निंग, मज़ेदार और अनुभव-आधारित लर्निंग पर फ़ोकस किया गया है।
क्या है ‘बैगलेस सैटरडे’?
‘बैगलेस सैटरडे’ का मतलब है कि विद्यार्थियों को शनिवार के दिन स्कूल में भारी स्कूल बैग लेकर आने की जरूरत नहीं होगी। इस दिन कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए पाठ्यपुस्तक आधारित पढ़ाई के बजाय खेल, कला, रचनात्मक कार्य, कौशल विकास और अन्य गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सीखने के अनुभव को रोचक बनाना और उन्हें किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर देना है।
किन कक्षाओं के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?
फिलहाल यह पहल कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर लागू की गई है। यानी अपर प्राइमरी स्तर के बच्चों को शनिवार को गतिविधि आधारित शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों की उम्र और कक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग गतिविधियां कराई जा सकती हैं।
