राजस्व न्याय प्रणाली में प्रमुख सुधार के लिए CM Yogi Adityanath सरकार ने बनाई तीन सदस्यों वाली स्पेशल बेंच, जानिए क्या होगा फायदा

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में राजस्व न्याय प्रणाली में बड़ा सुधार हुआ है जिसकी वजह से सरकारी जमीनों के मुकदमे के निपटारे के लिए सरकार की तरफ से बड़ा फैसला लिया गया है।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा राजस्व न्याय प्रणाली में एक बड़ा सुधार किया गया है जिससे सरकारी और सार्वजनिक जमीनों से जुड़े मामलों के निपटारे को आसान बनाया गया है। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से तीन सदस्य की विशेष पीठ का गठन किया गया है जो लखनऊ और प्रयागराज में बनाई गई है। जहां नए मामलों को अनिवार्य रूप से लिस्ट किया गया है और सभी लंबित मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाएगा। आइए जानते हैं आखिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस बारे में फैसला लिया है जिसकी जानकारी यूपी सरकार की तरफ से दी गई है।

CM Yogi Adityanath ने क्यों किया तीन सदस्यों वाली स्पेशल बेंच का गठन

गवर्नमेंट ऑफ़ यूपी ने x चैनल से इस बारे में पूरी जानकारी दी और बताया कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी और पब्लिक ज़मीन से जुड़े मामलों के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल बेंच बनाई हैं। नए सिस्टम से मामलों का तेज़ी से निपटारा, ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी, फैसलों में एक जैसापन और ज़्यादा बेहतर रेवेन्यू जस्टिस सिस्टम पक्का होगा।”

जानिए राजस्व न्याय प्रणाली में बदलाव के क्या है डिटेल्स

इसके साथ ही कहा गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की इस राजस्व न्याय प्रणाली में प्रमुख सुधार होगा। सरकारी और सार्वजनिक भूमि से संबंधित मामलों के लिए तीन सदस्यीय विशेष पीठ का गठन किया गया है। इसमें ग्राम सभा, नजूल, विस्थापित और अधिसूचित संपत्ति से जुड़े मामले शामिल हैं। लखनऊ और प्रयागराज में विशेष बेंचें बनाई गई है। वहीं इसके साथ ही बताया गया हर बुधवार को सुनवाई होगी। जिसमें सभी लंबित और नए मामलों की अनिवार्य सूची होगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ की इस पहल का संवेदनशील भूमि मामलों में त्वरित निपटान, पारदर्शिता और एकसमान निर्णय लेना है। उत्तर प्रदेश की जनता को काफी फायदा हो सकता है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या मालिकाना हक के विवाद जो सालों साल विवादों में रहें हैं।।उन मुद्दों को बिना देरी के जल्दी सुलझाया जा सकता है।

 

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