CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मिल का पत्थर साबित हुआ है जहां गवर्नमेंट ऑफ यूपी की तरफ से इसकी जानकारी दी गई। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की गई है। इसके साथ ही बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात पहली बार 1 करोड़ के पार पहुंच गया है जो निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश की एक और उपलब्धि को दिखाने के लिए काफी है। आइए जानते हैं कैसे सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल से यह संभव हो सका है।
CM Yogi Adityanath की पहल से पिछले 5 वर्षों में आईटी-आईटीईएस में 112% से ज्यादा की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने IT-ITeS क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश का IT-ITeS निर्यात पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचकर ₹1,01,970 करोड़ हो गया है। https://t.co/I90haONMxU
— Government of UP (@UPGovt) October 8, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी आईटी और इंफोर्मेशन का नया केंद्र बन रहा है जहां पहली बार 1 लाख करोड़ के पास आईटी-आईटीईएस एक्सपोर्ट पहुंचा है। फाइनेंशियल इंसेंटिव मॉड्यूल 48004 करोड़ से बढ़कर 101970 करोड़ पहुंच चुका है। इसके साथ ही बताया गया कि पिछले 5 वर्षों में 112% से ज्यादा की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ का विशेष फोकस आईटी सेक्टर पर है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेली परफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी है जिसकी वजह से यूपी का विस्तार और विकास संभव हो रहा है।
आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ाने के पीछे क्या है यूपी सरकार का मकसद
यूपी सरकार का मानना है कि आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सरकार की नीतियों के कारण राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और इंफोर्मेशन के अनगिनत अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल से राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है और देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में यूपी तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। यह कहीं ना कहीं उत्तर प्रदेश की बदलती हुई आर्थिक तस्वीर को दिखाने के लिए काफी है जो सरकार की सफलता है।







