CM Yogi Adityanath की चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं हेतु बड़ी पहल, जानें 31314 वर्गमीटर भूमि के किस हस्तातंरण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार ने आखिर किस प्रस्ताव को मंसूरी दी है जो लोगों के लिए जरूरी बताया जा रहा है। दरअसल चिकित्सा और जांच सुविधाओं का ध्यान रखते हुए 31314 वर्ग मीटर भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है।

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Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जनता की भलाई के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और ऐसे में किसी भी तरह से कोई भी सुविधा में कमी नहीं रहने देते हैं। वहीं इस सबके बीच चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं के हेतु 31314 वर्ग मीटर भूमि के हस्तांतरण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। दरअसल सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आखिर किस जमीन को लेकर बड़ा फैसला किया गया है जिसका संबंध राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से भी है। आइए जानते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ की चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं हेतु क्या बड़ा फैसला किया गया है।

CM Yogi Adityanath ने हस्तातंरण प्रस्ताव को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश गवर्नमेंट की तरफ से इस बात की जानकारी x चैनल से दी गई और बताया गया कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज से सम्बद्ध स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं हेतु 31314 वर्गमीटर भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को ₹1 वार्षिक किराये की दर से 90 वर्ष के लिए पट्टे पर हस्तातंरण प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।”

चिकित्सा सुविधाओं का विकास करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ हर संभव प्रयासरत

निश्चित तौर पर इस हस्तांतरण प्रस्ताव पर सीएम योगी आदित्यनाथ की स्वीकृति से चिकित्सा सुविधाओं का विकास हो सकता है। लोगों को इसके लिए अब ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ने वाली है। लंबे समय से कहा जा रहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ से मंजूरी मिलने के लिए इंतजार किया जा रहा था और अब स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में चिकित्सा एवं जांच सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए हस्तांतरण प्रस्ताव पहला कदम है।

 

यह सच है कि सीएम योगी आदित्यनाथ शिक्षा हो या फिर मेडिकल का क्षेत्र हर तरफ लोगों के विकास के लिए काम कर रही है। चिकित्सा को लेकर कोई भी तरह की लापरवाही ना हो इसके लिए अस्पताल और नर्सिंग होम के साथ डॉक्टर्स की भी निगरानी रखी जाती है।

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