इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में CM Yogi Adityanath अग्रसर, UPSRTC के बेड़े में 250 नई AC इलेक्ट्रिक बसें शामिल

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार तेजी से प्रगति की राह पर अग्रसर है और ऐसे में आखिर सरकार की तरफ से कौन से कदम उठाए गए हैं जिसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। प्रदेश में ईवी इकोसिस्टम को जिस तरह से गति मिली है वह निश्चित तौर पर सराहनीय है। इसके तहत 250 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई है। आइए जानते हैं किस तरह से प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है और इस बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से क्या जानकारी दी गई है। क्या है पूरी खबर और उत्तर प्रदेश के विकास की नई कहानी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में CM Yogi Adityanath का अहम कदम

गवर्नमेंट ऑफ़ यूपी की तरफ से बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में EV इकोसिस्टम और पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में UPSRTC के बेड़े में 250 नई AC इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। इसके साथ ही कहा गया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार तेजी से अग्रसर है। जहां प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही पब्लिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर यूपी का नाम शुमार है।

जानें कैसे पेट्रोल डीजल पर निर्भरता हुई CM Yogi Adityanath की वजह से कम

वहीं इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है जहां अब तक देश में 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में UPSRTC के बेड़े में 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी तो इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में बसों की खरीद के लिए 400 करोड रुपए की प्रावधान एक धनराशि को मंजूरी मिली है। चालकों, परिचालकों और तकनीकी रखरखाव से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। इसके साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल डीजल पर निर्भरता कम हो रही है।

 

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