CM Yogi Adityanath की सरकार हुई सख्त! टेकी युवराज डेथ केस में शंट किए गए नोएडा CEO, जानें पुलिस कार्रवाई से जुड़े अपडेट

CM Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने टेकी युवरात मेहता की दुखद मौत से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई कर नजीर पेश की है। सरकार ने नोएडा सीईओ डॉ. लोकेश एम पर कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया है।

CM Yogi Adityanath: यूपी सरकार की ओर से नोएडा ट्रैजडी मामले में कड़ी नजीर पेश की गई है। टेकी युवराज मेहता की मौत के बाद सरकार ने छोटे कर्मचारियों को बली का बकरा बनाने की बजाय, नोएडा सीईओ लोकेश एम को ही शंट कर दिया है। खबरों की मानें तो सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इस प्रकरण को लेकर गंभीर थे।

उन्होंने कड़ी कार्रवाई कर नजीर पेश करने के निर्देश दिए थे, ताकि जनहित से खिलवाड़ करने वाले अफसर चेत जाएं। बीते शाम ही सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने नोएडा सीईओ को प्रतीक्षारत करते हुए आदेश जारी कर दिया। यूपी पुलिस भी मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस मामले में गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है और दो बिल्डरों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।

टेकी युवराज डेथ केस में शंट किए गए नोएडा CEO!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नजीर पेश करते हुए नोएडा सीईओ डॉ. लोकेश एम को शंट कर दिया है। ये कार्रवाई टेकी युवराज मेहता डेथ केस में हुई जो 16 जनवरी की रात गड्ढे में गिरने से काल की भेंट चढ़ गए थे। इसके बाद खूब हो-हल्ला मचा और नोएडा अथॉरिटी का विरोध हुआ। लोग सड़कों पर उतरकर अथॉरिटी के खिलाफ नारेबाजी करते और कैंडल जुलूस निकालते नजर आए।

इसके बाद योगी सरकार ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए किसी छोटे कर्मचारी के बजाय नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को ही शंट कर दिया। इसे सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद इस मामले को लेकर गंभीर हैं और सरकार युवराज मेहता के परिजनों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।

पुलिस कार्रवाई से जुड़े अपडेट

यूपी पुलिस भी टेकी युवराज मेहता की मौत से जुड़े प्रकरण को लेकर गंभीर है। शासन स्तर से जारी निर्देशानुसार पुलिस ने अब तक दो बिल्डरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नोएडा अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ राजीव नारायण मिश्र मामले की देख-रेख कर रहे हैं। मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोप पर राजीव मिश्र ने कहा कि प्रशासन से युवराज को बचाने की पूरी कोशिश की।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की संयुक्त कार्रवाई में टेकी को निकालने का प्रयत्न हुआ, लेकिन सब विफल रहा। जीरो विजिबिलिटी और पानी की गहराई के कारण रेस्क्यू टीम युवराज तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि, पुलिस पूरी गंभीरता के साथ मामले में कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का प्रयास कर रही है।

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