महर्षि वाल्मीकि जी की ज्ञान-साधना ने भारतीय समाज को दी युगों तक दिशा, CM Yogi Adityanath ने इस तरह यूपी के विकास से जोड़ा

CM Yogi Adityanath: वाल्मीकि जी की जयंती पर आखिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विकास को किस तरह से परिभाषित किया और कैसे उन्हें पीढ़ी दर पीढ़ी सांस्कृतिक पहचान देने की बात की है। जानिए पूरी डिटेल्स क्या है।

CM Yogi Adityanath

Photo credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़ाव बताते हुए आखिर किस तरह से मुख्यमंत्री ने इसे यूपी की यात्रा का प्रतीक बताया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विरासत से प्रेरणा तक भविष्य की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। आइए जानते हैं यूपी सीएम के इस पोस्ट में क्या खास है और किस तरह से रामायण रचयिता को पीढ़ी दर पीढी नई दिशा देने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बताते हुए नजर आए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी वजह से श्री राम के जीवन चरित्र से पीढ़ी परिचित हो पा रहे हैं।

यूपी की विकास यात्रा पर सीएम योगी आदित्यनाथ का रुख

सीएम योगी आदित्यनाथ ने x प्लेटफार्म पर एक पोस्ट के साथ कहा कि “आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ओर प्रदेश आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती मना रहा है, जिन्होंने रामायण के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनमानस को प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और रामराज्य के आदर्शों से परिचित कराया। वहीं दूसरी ओर, GCC Innovation Summit 2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रहा है।”

महर्षि वाल्मीकि की रामायण पर क्या बोले सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर नहीं, अपितु ज्ञान, मर्यादा और लोक-कल्याण की ऐसी परंपरा है, जिसने युगों तक समाज को दिशा दी है। आज इसी ज्ञान-परंपरा को आधुनिक संदर्भ में आगे बढ़ाने का अवसर है, जहां विज्ञान और तकनीक युवाओं की प्रतिभा को नए अवसरों से जोड़ें एवं उनके सामर्थ्य को वैश्विक पहचान मिले।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा 2017 के बाद इन चुनौतियों को किया गया पार

उन्होंने 2017 के बाद के विकास का जिक्र करते हुए अपनी बात कही है सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न विरासत का सम्मान था और न ही विज्ञान और विकास का स्थान। आत्ममुग्ध शासन में प्रदेश की संभावनाओं तथा औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश व रोजगार के अवसरों का विस्तार एक बड़ी चुनौती था। आज प्रदेश अपनी बेहतर होती कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशोन्मुख नीतियों के आधार पर नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत जहां GCC capital of the world के रूप में उभरा है, वहीं उत्तर प्रदेश अब भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हब बन रहा है।”

उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को लेकर क्या बोले CM Yogi Adityanath

महर्षि वाल्मीकि की ज्ञान-साधना को लेकर बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “उनकी वजह से भारतीय समाज को युगों तक दिशा दी, आज ज्ञान और नवाचार की शक्ति उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना इसी समन्वय में साकार होगी, जहां विरासत से संस्कार, शिक्षा से सामर्थ्य और तकनीक से समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त हों, जहां अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करते हुए प्रदेश, भारत की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक स्तर पर सशक्त भूमिका निभाए।”

वाल्मीकि जी की जयंती पर यूपी के विकास को जिस तरह से सीएम योगी आदित्यनाथ ने परिभाषित किया वह चर्चा में है।

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