CM Yogi Adityanath: सिटी बस सेवा से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक! मथुरा-वृंदावन का होगा कायाकल्प, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दो दिवसीय मथुरा दौरे पर है। जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी है।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दो दिवसीय मथुरा दौरे पर है। इस दौरान उन्होंने ₹1,051 करोड़ की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी मौजूद थीं। माना जा रहा है कि इससे मथुरा-वृंदावन का कायाकल्प होगा। इसके साथ ही CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ खास बैठक की। साथ ही कुछ जरूरी दिशा-निर्देश दिए। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

मथुरा-वृंदावन का होगा कायाकल्प

सीएम ऑफिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मथुरा-वृंदावन की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत की गरिमा के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के लिए CM Yogi Adityanath जी की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की नवम् बोर्ड बैठक संपन्न हुई।

बैठक में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण, श्रद्धालुओं के लिए होल्डिंग एरिया एवं मल्टीलेवल पार्किंग, वृंदावन में अनुकूल सिटी बस सेवा, जल संरक्षण, विरासत संरक्षण, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री जी ने आमजन एवं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम आवागमन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए”।

मथुरा में क्या बोले CM Yogi Adityanath?

लोगों को संबोधित करते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “लगभग 300 साल पहले, मुग़ल काल के दौरान, विदेशी हमलावरों ने हिंदू आस्था से जुड़े कई स्थानों को नष्ट कर दिया था। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने उनके पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार में अहम भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

यह हमारे पूर्वजों के प्रति सम्मान और लोगों की आस्था का सम्मान है। आज अयोध्या का कायाकल्प हो चुका है। दस साल पहले अयोध्या में अच्छी सड़कें, बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। आज हर दिन लगभग एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं, और त्योहारों के मौसम में यह संख्या कई लाख तक पहुँच जाती है”।

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