CM Yogi Adityanath: ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ पर यूपी सीएम ने मतदाताओं को दी हार्दिक बधाई, वोटर्स को संवैधानिक अधिकार याद दिलाते हुए कही ये बातें

CM Yogi Adityanath: 25 जनवरी को भारत में 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' मनाया जाता है। इस अवसर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी मतदाताओं को हार्दिक बधाई दी।

CM Yogi Adityanath: दुनिया का सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में 25 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ मनाया जाता है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश समेत पूरे देश के सम्मानित मतदाताओं को इसकी बहुत-बहुत बधाई दी। साथ ही वोटर्स को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देते हुए कुछ अहम बातों को साझा किया। इस संबंध में यूपी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर लंबा-चौड़ा पोस्ट भी किया।

CM Yogi Adityanath ने ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सभी को बधाई दी

रविवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, ‘देश व प्रदेश के सभी सम्मानित मतदाताओं को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ की हार्दिक बधाई। मतदान हमारा संवैधानिक अधिकार और राष्ट्रीय कर्तव्य भी है। यह जनभागीदारी का सर्वोच्च पर्व है। आपका एक वोट- राष्ट्र के भविष्य, समाज की प्रगति और लोकतंत्र की स्थिरता का आधार है। आइए, आगामी चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान के प्रति जन-जागरण हेतु संकल्पित हों।’

पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर देशवासियों को दिया खास संदेश

उधर, राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स यानी ट्विटर पर पोस्ट कर लिखा, ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाए। यह दिन हमारे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारे विश्वास को और गहरा करने के बारे में है। हमारे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयासों के लिए मैं भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूँ। वोटर होना सिर्फ एक संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है जो हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने में आवाज देता है। आइए, हम हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेकर अपने लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें, जिससे एक विकसित भारत की नींव मजबूत हो।’

आपकी जानकारी में इजाफा करने के लिए बता दें कि 1950 में 25 जनवरी के दिन ही भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था। इसलिए हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। तब से इस दिन को भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ऐतिहासिक माना जाने लगा।

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