CM Yogi Adityanath: पीएम मोदी की अध्यक्षता में बीते दिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दे दी है। बता दें कि यह योजना कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। यह योजना कुल 5,070 करोड़ रुपये के खर्च से एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) वाले फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) प्रोजेक्ट्स को विकसित करने के लिए है।
यानि जमीन की जगह यह सोलर प्लांट तालाबों और जलाशयों पर लगाए जाएंगे। जिससे जमीन की जरूरत कम पड़ेगी। वहीं अब उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने इसकी जानकारी दी है।
योजना को लेकर CM Yogi Adityanath ने दी अहम जानकारी
उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को प्रदान की गई स्वीकृति ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। ₹5,070 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से देश में 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सौर ऊर्जा क्षमता का विकास होगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आज प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को प्रदान की गई स्वीकृति ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है।
₹5,070 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 31, 2026
इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति मिलेगी, ऊर्जा भंडारण प्रणाली सुदृढ़ होगी, व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। जलाशयों के वैज्ञानिक एवं सर्वोत्तम उपयोग पर आधारित यह अभिनव पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के नए युग का आधार बनेगी। इस दूरदर्शी एवं युगांतरकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार”।
योजना के फायदें
- इस स्कीम के तहत 5,000 MW के फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट्स विकसित किए जाएंगे, जिनमें एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लगे होंगे। इन सिस्टम्स की कम से कम स्टोरेज क्षमता दो घंटे यानी 10000 MWh होगी।
- इन प्रोजेक्ट्स को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान मंज़ूरी दी जाएगी और इनके लिए वित्तीय सहायता वित्त वर्ष 2032-33 तक दी जाती रहेगी।
- इस स्कीम के तहत, सफल कमीशनिंग के बाद योग्य फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्रोजेक्ट्स के लिए ₹1 करोड़ प्रति MW की सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस (CFA) दी जाएगी।
- इस योजना से हर साल करीब 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। साथ ही 16 से 20 हजार तक नौकरी पैदा होगी।
