CM Yogi Adityanath: लखनऊ में स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत स्मारक स्थल पर आज सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद नजर आई। इसकी प्रमुख वजह रहा स्मारक स्थल पर सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा। सीएम योगी ने आज पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी है।
सीएम योगी आदित्यनात ने इस दौरान यूपी के विकास की नींव रखने में सूबे के पहले सीएम रहे गोविंद बल्लभ पंत की भूमिका को सराहा है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ से हुंकार भरते हुए कहा कि प्रदेश के नवनिर्माण के लिए उनके द्वारा उठाए गए युगांतरकारी कदम हमारे लिए सदैव प्रेरणा रहेंगे।
भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत को CM Yogi Adityanath ने किया नमन!
यूपी के पहले सीएम रहे पंडित गोविंद बल्लभ पंत की आज पुण्यतिथि है। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में बने उनके स्मारक स्थल पर पहुंचे।
भारत माता के महान सपूत, देश के पूर्व गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया… pic.twitter.com/Vs1TuygmP9
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 7, 2026
पुण्यतिथि के खास अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुष्प अर्पित कर भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत को श्रद्धांजलि दी। इसकी तस्वीर जारी करते हुए सीएम योगी लिखते हैं कि “भारत माता के महान सपूत, देश के पूर्व गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।”
सीएम योगी ने कहा कि “मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने विकास की जो आधारशिला रखी और जो विजन प्रस्तुत किया था, उसका अनुसरण करते हुए आज ‘नया उत्तर प्रदेश’, ‘नए भारत’ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बन चुका है। प्रदेश के नवनिर्माण के लिए उनके द्वारा उठाए गए युगांतरकारी कदम हमारे लिए सदैव प्रेरणा रहेंगे। उनकी पावन स्मृतियों को नमन!”
यूपी के पहले मुख्यमंत्री बने थे पंडित पंत!
आजादी से पहले की बात है जब अपनी संघर्ष और मेधा के बल पर पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। उन्हें ये उपलब्धि 1937 में हासिल हुई थी जब देश अंग्रेजों के अधीन था। देश स्वतंत्र होने के बाद भी गोविंद बल्लभ पंत अपने पद पर बने रहे। जमींदारी प्रथा का उन्मूलन उनके ही कार्यकाल में हुआ था जिसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है। आज 7 मार्च, 2026 को उनकी 65वीं पुण्यतिथि है जिस पर सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम अन्य नेता उन्हें नमन कर रहे हैं।






