पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर CM Yogi Adityanath ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, चेक करें डिटेल

CM Yogi Adityanath: 'भारत रत्न' गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर यूपी के सीएम समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के पूर्व गृह मंत्री व उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, ‘भारत रत्न’ गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर यूपी के CM Yogi Adityanath सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर आज लखनऊ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

लखनऊ में अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कहा कि “इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य की जनता की ओर से, मैं पंडित गोविंद बल्लभ पंत को उनकी 139वीं जयंती पर नमन करता हूँ और उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। पंडित गोविंद बल्लभ पंत एक प्रख्यात वकील और स्वतंत्रता सेनानी थे”।

CM Yogi Adityanath ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के पूर्व गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर आज लखनऊ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

पंत जी ने राज्य की शासन-व्यवस्था में सुशासन के उच्च आदर्श स्थापित करते हुए सामाजिक-आर्थिक उन्नयन, जनकल्याण एवं राष्ट्रहित के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनकी पावन स्मृतियों को नमन”।

वे एक महान नेता थे – सीएम योगी

अपने संबोधन के दौरान CM Yogi Adityanath ने कहा कि “वे एक महान नेता थे जिन्होंने 1925 की काकोरी ट्रेन घटना के बाद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा क्रांतिकारियों पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ़ ज़ोरदार तरीके से उनका बचाव किया। उन्होंने देश के आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय और अहम भूमिका निभाई। 1937 में, उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रीमियर चुना गया।

हालाँकि, इसके कुछ ही समय बाद, आज़ादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने आज़ादी के हर बड़े आंदोलन में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया, जिसमें ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ भी शामिल था। 1947 में देश की आज़ादी के बाद, वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने”।

 

 

 

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