SIR को लेकर CM Yogi Adityanath ने किया लोगों को जागरूक, जानिए खास अपील

CM Yogi Adityanath: मतदाता सूची में हर नागरिक का नाम हो और 18 साल की आयु के बाद लोगों को खास चीज करने की अपील उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरफ से की गई है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने लोगों को क्या कहा आइए जानते हैं।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: एक तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन प्रशिक्षण लिस्ट में धांधली को लेकर विवाद गरमाया हुआ है। इस पर राजनीतिक गलियों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं इस सब के बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची को लेकर एक विशेष पोस्ट किया है। जहां 18 वर्ष की उम्र के बाद सूची में अपना नाम दर्ज करवाने की अपील की है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को जागरूक किया है। आइए जानते हैं आखिर उन्होंने अपने पोस्ट में क्या कहा जो चर्चा में है।

लोकतांत्रिक मूल्यों की सीख देते हुए क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ

इसे लेकर पोस्ट करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “भारत युगों से लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षक रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अपने लोकतांत्रिक विरासत को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लीकेट प्रविष्टियों का नियमानुसार सत्यापन आवश्यक है। SIR में लोगों को अपने बारे में सही-सही जानकारी अपडेट करने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जागरूक किया है जो निश्चित तौर पर एक बड़ी पहल है।”

18 वर्ष के बाद के लिए CM Yogi Adityanath की खास अपील जानें

इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सभी जागरूक मतदाता ध्यान रखें कि मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज अपात्र नामों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार हटाना भारत की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अनिवार्य है। मेरी अपील है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे प्रत्येक युवा साथी अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं। आइए, शुद्ध, सशक्त और पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें। ऐसे में मुख्यमंत्री का कहना है कि 18 वर्ष के बाद मतदाता सूची में हर एक का नाम होना अनिवार्य है ताकि देश के विकास में उनकी भागीदारी हो सके। चुनाव में हर किसी की जिम्मेदारी हो सके और भारत के नागरिकों का अपना एक मत हो यह हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

 

 

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