CM Yogi Adityanath :योगी सरकार की सख्त निगरानी का असर, 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 249 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई

CM Yogi Adityanath :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 12 मार्च 2026 से अब तक पूरे प्रदेश में 23,250 छापेमारी/निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 27 मामले एलपीजी वितरकों और 211 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 249 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।

CM Yogi Adityanath

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CM Yogi Adityanath :मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 12 मार्च 2026 से अब तक पूरे प्रदेश में 23,250 छापेमारी/निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 27 मामले एलपीजी वितरकों और 211 अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं, जबकि 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर 249 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।

92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में आम जनता से अपील की गई है कि घबराकर ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी सरकार पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के 4,107 गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक प्रदेश में 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।

श्रम-आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है

औद्योगिक और व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की 70 प्रतिशत तक सशर्त आपूर्ति की अनुमति दी है। इसमें होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल जैसी श्रम-आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

स्थिति की सतत निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय सहित सभी जिलों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को फील्ड में लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

 

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