CM Yogi Adityanath करेंगे विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का शुभारंभ, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ में विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का आयोजन किया जा रहा है। CM Yogi Adityanath आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और मेले पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।

यह कार्यक्रम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

CM Yogi Adityanath करेंगे विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 का उद्घाटन

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “कारीगरों का सम्मान, आत्मनिर्भर यूपी की पहचान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं CM Yogi Adityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को नई पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय हुनर को प्रोत्साहन देकर कारीगरों के जीवन में समृद्धि लाई जाए और वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत किया जाए।

इसी क्रम में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026’ पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं टूलकिट का वितरण किया जाएगा। ये पहल प्रदेश के कारीगरों और शिल्पकारों को स्वरोजगार, आर्थिक संबल एवं अपने हुनर को आगे बढ़ाने के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं”।

17 से 19 सितंबर तक चलेगा मेला

जानकारी के मुताबिक, विश्वकर्मा मेला-2026 का आयोजन 17, 18 और 19 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल और विवेकानंद हॉल में किया जा रहा है। मेला सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों के अनुसार, मेले में विश्वकर्मा योजना के तहत आने वाले पारंपरिक ट्रेड से जुड़े कारीगरों के उत्पादों और हुनर को मंच मिलेगा।

इसके साथ ही सरकार की तरफ से उन्हें लाभ दिया जाएगा और इससे बड़ी संख्या में लोगों को फायदा पहुंचेगा। बता दें कि पिछले साल भी इस मेले का आयोजन किया गया था।

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