Char Dham Yatra: देश-दुनिया से लोगों का आगमन उत्तराखंड में होने लगा है। सकरे मार्गों पर भी वाहनों की कतारें लग रही हैं। ये चार धाम यात्रा की शुरुआत को दर्शाता है। भारी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम जाने के लिए उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। इस बीच तमाम ऐसे श्रद्धालु हैं जो कंफर्म टिकट के अभाव में सुस्त पड़े हुए हैं। ऐसे यात्रियों के लिए आईआरसीटीसी का खास फीचर वरदान साबित हो सकता है। यदि आप चार धाम यात्रा के लिए इच्छुक हैं और वेटिंग टिकट आपकी राह का बाधा बना हुआ है, तो आईआरसीटीसी का फीचर आपके काम आ सकता है।
चुटकियों में Char Dham Yatra की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं का काम आसान करेगा IRCTC का फीचर
आईआरसीटीसी के एक खास फीचर की चर्चा जोरों पर जो चुटकियों में चार धाम यात्रियों का काम आसान कर सकता है। यदि आप चार धाम यात्रा जाने को इच्छुक हैं और कंफर्म टिकट के अभाव में आपकी राह मुश्किल हो रही है, तो ये फीचर आपके काम आ सकता है। इसके लिए आपको टिकट बुकिंग करते वक्त IRCTC ऐप या वेबसाइट यात्रा की तारीख और ट्रेन चुननी होगी। फिर पैसेंजर डिटेल्स भरते समय नीचे Other Preferences में जाकर Opt Vikalp वाले बॉक्स को टिक कर बुकिंग करें।
टिकट बुकिंग के बाद बुक्ड टिकट हिस्ट्री में जाएं और जिस टिकट के लिए फीचर ऑन करना है, उसे ओपन करें। यहां ऑप्ट विकल्प को चुनकर इसे एक्टिव कर दें। इसके बाद उसी रूट पर दूसरी ट्रेनों की लिस्ट देख अपने पसंद की ट्रेन चुन लें। इससे होगा ये कि यदि आपका टिकट कंफर्म नहीं होता है, तो दूसरी ट्रेन में खाली सीट मिलने पर आपको टिकट मिल सकता है। इस प्रकार आपकी यात्रा पूरी हो सकेगी और वेटिंग टिकट किसी प्रकार से रोड़ा नहीं बनेगा।
केदारनाथ धाम से बद्रीनाथ तक उमड़ा भक्तों का हुजूम
अक्षय तृतिया के दिन यानी 19 अप्रैल को ही चार धाम यात्रा की शुरुआत हो गई। पवित्र गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुले थे।वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान हर-हर महादेव, जय मां गंगोत्री, जय मां यमुनोत्री जैसे नारों से वातावरण गुंजयमान हो उठा। फिलहाल केदारनाथ धाम से लेकर बद्रीनाथ तक भक्तों का हुजूम उमड़ा है। बड़ी संख्या में भक्त चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। हरिद्वार पहुंचकर ऋषिकेश होते हुए यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचने का सिलसिला जारी है।
