Delhi Dehradun Expressway: देश के सबसे चर्चित और खूबसूरत एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही पीएम मोदी Delhi Dehradun Expressway का उद्घाटन कर सकते है। इसी बीच अब एक्सप्रेसवे को लेकर एक अहम जानकारी सामने आ रही है। दरअसल इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की दूरी तो कम होगी ही, साथ ही चारधाम वाले यात्रियों को भी इस एक्स्प्रेसवे से जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है। मालूम हो कि दिल्ली से देहरादून जाने में अभी करीब 5-7 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दूरी केवल 2 से 2.5 घंंटे की रह जाएगी। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Delhi Dehradun Expressway खुलने से चारधाम यात्रियों को कैसे पहुंचेगा फायदा?
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने से चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) पर जाने वाले श्रद्धालुओं को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि पूरी यात्रा को तेज़ और आसान बनाने वाला गेमचेंजर साबित होगा। एक्सप्रेसवे सीधे हरिद्वार और ऋषिकेश से कनेक्ट होता है। इससे श्रद्धालुओं का काफी समय बचने की उम्मीद है, साथ ही किसी थकान कम हीगी। लंबा और थकाने वाला सफर अब छोटा और आरामदायक हो जाएगा।
कम समय में ज्यादा दूरी तय होने से थकान कम लगेगी। इसके अलावा यात्रा के दिनों में भी 1 से 2 दिनों की कमी आ सकती है। बताते चले कि अभी चार धाम की यात्रा में काफी समय लग जाता है। इसमे सबसे महत्वपूर्ण केदारनाथ और बद्रीनाथ माना जाता है।
कब होगा देश के सबसे खूबसूरत एक्सप्रेसवे का उद्घाटन?
बता दें कि देश के सबसे चर्चित और खूबसूरत एक्सप्रेसवे में से एक Delhi Dehradun Expressway के उद्घाटन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूट पर ट्रायल शुरू हो चुका है, और माना जा रहा है कि अप्रैल के शुरूआती दिनों में पीएम मोदी इस एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखा सकते है।
हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि तो नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द इसका उद्घाटन शुरू हो सकता है। कई मायनों में यह एक्सप्रेसवे काफी खूबसूरत है, यात्रा का साथ-साथ खूबसूरत पहाड़ों का लुत्फ उठा सकेंगे।
साथ ही मात्र 2 से 2.5 घंटे में देहरादून पहुंचा जा सकेगा। इसके शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन सेक्टर को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को बढ़ावा, स्थानीय रोजगार में वृद्धि, चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकेंगे।






