Vande Bharat Sleeper Train: देश की सबसे चर्चित और अपग्रेडेड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। बता दें कि जल्द पीएम मोदी देश की आधुनिक स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले है। अगर रूट की बात करें तो गुवाहाटी से पश्चिम बंगाल हावड़ा तक पहली ट्रेन का संचालन होगा। सबसे खास बता है कि यह ट्रेन राजधानी और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से भी अपग्रेडेड वर्जन है। आज इस लेख के माध्यम से आपको बता दें कि वंदे भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या अंतर है?
वंदे भारत से कितनी अलग होगी Vande Bharat Sleeper Train?
अगर पुरानी वंदे भारत ट्रेन की बात करें तो इसकी अधिकतम रफ्तार 130 प्रति घंटे की है। वहीं अगर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की स्पीड 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो। वंदे भारत में नॉर्मल चेयर कार सीटें रहती है। जबकि नई ट्रेन में स्लीपर सीटें होगी। वंदे भारत ट्रेन केवल शॉर्ट डिस्टेंस के ध्यान में रखकर बनाई गई है, तो वहीं स्लीपर ट्रेन लंबे रूटों के लिए बनाई गई है।
इसके अलावा नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को लोकल स्वादिष्ट व्यंजन भरोसा जाएगा। जबकि पूरी वंदे भारत में आम खाना दिया जाता है। सुविधाओं की बात करें तो नई ट्रेन में एयरकंडीशन, आरामदायक बर्थ, कैटरिंग/भोजन, बड़ा लगेज स्पेस, सेंसर-बेस्ड दरवाजे, बेहतर शोर नियंत्रण जैसे आधुनिक उपकरण लगाए गए है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मात्र इतने यात्री कर सकेंगे सफर
बता दें कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर के साथ अब आधुनिकता और आराम का नया अनुभव मिलेगा। अगर यात्रियों की क्षमता की बात करें तो कुल संख्या 823 होगी। जिसमे 3 टियर एसी में 611 यात्री सफर कर सकेंगे। वहीं एसी 2 टियर में 188 यात्री सफर कर सकेंगे। वहीं फर्स्ट एसी में कुल 23 यात्री सफर कर सकेंगे। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यात्रियों की डिमांड के तहत संख्या और बढ़ सकती है। इसके अलावा कवच और इमरजेंसी टॉक-बेक सिस्टम जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स से सुसज्जित है। इसके साथ ही ट्रेन को दिव्यागजन-अनकूल सुविधाओं के साथ डिजाइन किया गया है। ताकि सभी यात्रियों के लिए आवाजाही और पहुंच आसान हो सके।
