---Advertisement---

Maulana Arshad Madani: ‘मर जाना स्वीकार है, लेकिन खुदा के साथ..,’ वंदे मातरम पर मौलाना मदनी के बयान से हड़कंप; खूब मचा हो-हल्ला

Maulana Arshad Madani का वंदे मातरम पर दिया गया बयान सुर्खियों में है। मौलाना मदनी के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तल्ख प्रतिक्रिया दी है।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: दिसम्बर 9, 2025 1:58 अपराह्न

Maulana Arshad Madani
Follow Us
---Advertisement---

Maulana Arshad Madani: सियासी गलियारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में भी वंदे मातरम पर चर्चा शुरू हो गई है। इस दौरान एक के बाद एक कई नए बयान सुनने को मिल रहे हैं। ताजा मामला जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ मौलाना अरशद मदनी के बयान से जुड़ा है। मौलाना मदनी ने वंदे मातरम पर जारी चर्चा को रफ्तार देते हुए कहा है कि “मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में अल्लाह के सिवा किसी दूसरे को शामिल नहीं कर सकता। हमें मर जाना स्वीकार है, लेकिन शिर्क (खुदा के साथ किसी को शामिल करना) कभी स्वीकार नहीं।” मौलाना अरशद मदनी के इस बयान से खूब हो-हल्ला मचा है और हड़कंप के बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

वंदे मातरम पर Maulana Arshad Madani के बयान से हड़कंप

विवादित बयान देने में माहिर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ मौलाना मदनी की एक और प्रतिक्रिया सुर्खियों में है।

मुस्लिम संगठन के चीफ मौलाना अरशद मदनी ने वंदे मातरम पर जारी चर्चा को लेकर कहा है कि “हमें किसी के वंदे मातरम पढ़ने या गाने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इबादत में अल्लाह के सिवा किसी दूसरे को शामिल नहीं कर सकता। और वंदे मातरम का अनुवाद शिर्क से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है, इसके चार श्लोकों में देश को देवता मानकर दुर्गा माता से तुलना की गई है और पूजा के शब्दों का प्रयोग हुआ है। साथ ही माँ, मैं तेरी पूजा करता हूँ यही वंदे मातरम् का अर्थ है। यह किसी भी मुसलमान की धार्मिक आस्था के खिलाफ है।”

इसका जिक्र करते हुए मौलाना अरशद मदनी कहते हैं “किसी को उसकी आस्था के खिलाफ कोई नारा या गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। क्योंकि भारत का संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) देता है। वतन से प्रेम करना अलग बात है, उसकी पूजा करना अलग बात है। मुसलमानों की देशभक्ति के लिए किसी के प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी कुर्बानियाँ इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज हैं।”

मौलाना मदनी का कहना है कि “हम एक खुदा को मानने वाले हैं, अल्लाह के सिवा न किसी को पूजनीय मानते हैं और न किसी के आगे सजदा करते हैं। हमें मर जाना स्वीकार है, लेकिन शिर्क (खुदा के साथ किसी को शामिल करना) कभी स्वीकार नहीं!”

अरशद मदनी के बयान पर खूब मचा हो-हल्ला!

देश के विभिन्न हिस्सों में मौलाना अरशद मदनी का बयान सुर्खियों में है। इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि मुस्लिम लीग खत्म हो गई है, लेकिन उसकी मानसिकता वाले लोग अभी हैं। जहरीले जिहादियों की वंदे मातरम को लेकर जो सोच और संक्रमण है वह देश के लिए अच्छी नहीं है। बीजेपी नेता ने तल्ख भाव में असदुद्दीन ओवैसी, मौलाना मदनी समेत अन्य उन तमाम लोगों पर निशाना साधा है जो वंदे मातरम पर आपत्ति जता रहे हैं। मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि अगर एक राष्ट्रगीत को गाने से ईमान खतरे में आता है तो आपसे बड़ा बेईमान कोई नहीं है। इसको लेकर खूब सुर्खियां बन रही है।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Jairam Ramesh

जुलाई 14, 2026

US Iran War

जुलाई 14, 2026

Punjab News

जुलाई 13, 2026

Punjab News

जुलाई 13, 2026

Rain Alert 14 July 2026

जुलाई 13, 2026

Anurag Dhanda

जुलाई 13, 2026