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Janmashtami 2023: कंफ्यूजन हुआ दूर 6 या 7 सितंबर जानें कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी, ये है पूजा विधि, शुभ मुहूर्त से जुड़ी सारी जानकारी

जानिए कब है कृष्णा जन्माष्टमी। पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से जुड़ी सारी जानकारी देखिए यहां। 06 और 07 कब मनाया जाएगा यह त्यौहार पढ़िए इस आर्टिकल में।

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By: DNP न्यूज़ डेस्क

Published: अगस्त 31, 2023 7:05 अपराह्न | Updated: सितम्बर 1, 2023 1:57 अपराह्न

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Janmashtami 2023: कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार पूरे भारत में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बता दे की कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार इसी दिन श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। उनके जन्म को लोग कृष्ण जन्माष्टमी के रूम में मनाते हैं। लोग पूरी श्रद्धा के साथ इस दिन श्री कृष्ण की पूजा करते हैं। आपको बता दे की इस दिन लोग व्रत भी रखते है। साल 2023 में कृष्ण जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी?

आपको बता दे की इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का पावन त्यौहार 06 सितंबर को मनाया जाएगा। बहुत लोग 06 या 07 में कंफ्यूज है। आपको बता दे की भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की तिथि 6 सितंबर दोपहर 03 बजकर 37 मिनट से लेकर 07 सितंबर शाम 04 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। बता दे की रोहिणी नक्षत्र 06 सितंबर सुबह 9 बजकर 20 मिनट से लेकर 7 सितंबर सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। सभी लोग कृष्ण जन्माष्टमी 06 सितंबर को मनाएंगे। मगर वैष्णव संप्रदाय को मानने वाले लोग अष्टमी तिथि और रोहणी नक्षत्र को मान्यता देते है। इस वजह से वे 07 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे।

कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त

आपको बता दे की कृष्ण जन्माष्टमी के पूजा का शुभ मुहूर्त 06 सितंबर रात 11 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

कैसे करें श्री कृष्ण की पूजा

कृष्ण जन्माष्टमी का खास महत्व है। इस दिन श्री कृष्ण की पूजा सच्ची निष्ठा से करें। सुबह उठकर स्नान करें। इसके बाद कृष्ण कन्हैया की पूजा के लिए सभी सामग्री जैसे, फल, पूल, माखन, मिश्री, मिठाई, धूप, दीप गंगाजल, तुलसी पत्ता और मोर पंख आदि जुटाए। इन सभी सामग्री से भगवान कृष्ण की पूजा करें। भोग लगाए आरती करें। जैसा की आपको पता है की रात 12 बजे कृष्ण का जन्म हुआ था। इस वजह से 12 बजे भी भगवान कृष्ण की पूजा करें। उन्हें झूला झुलाए । उनकी आरती गाए। जो व्रत कर रहे है वे अपने व्रत का पारण 12 बजे रात के बाद ही करें। इस दिन सच्ची श्रद्धा से भगवान कृष्ण की पूजा करने से आपकी सारी मनोकामना पूरी होगी।

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