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Karwa Chauth 2023: पति के लंबी उम्र के लिए आज रखा जा रहा करवाचौथ का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का सही समय

इस खास दिन पर माता करवाचौथ माता के साथ भगवान शिव, पार्वती और गणेश जी की भी पूजा होती है, ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त बताने के साथ व्रत रखने का महत्व जैसी कई चीजें बताने जा रहे हैं.

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By: Diksha Gupta

Published: नवम्बर 1, 2023 7:30 पूर्वाह्न | Updated: नवम्बर 1, 2023 11:07 पूर्वाह्न

Karwa Chauth 2023:
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Karwa Chauth 2023: आज 1 नवंबर को पूरे देशभर में पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जा रहा है. इसमें ज्यादातर सुहागन महिलाएं अखण्ड सौभाग्य की कामना करते हुए इस दिन निर्जला उपवास रखती हैं, वहीं कई पति भी साथ के लिए इसे रखने लगे है. हिंदू धर्म और मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को कल्याणकारी बताया गया है जिसे रहने से न केवल साथी को लंबी उम्र का वरदान मिलता है बल्कि आपसी कलह खत्म होकर सुख और समृद्धि भी आती है. इस दिन माता करवाचौथ माता के साथ भगवान शिव, पार्वती और गणेश जी की भी पूजा होती है, ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त बताने के साथ व्रत रखने का महत्व जैसी कई चीजें बताने जा रहे हैं.

करवाचौथ का शुभ मुहूर्त

कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ के रूप में मनाया जाता है, इस दिन करवाचौथ माता के साथ माता पार्वती भगवान शिव की भी पूजा कि जाती है. इस बार इस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:13 से लेकर 06:28 तक रहने वाला है, वहीं इस दिन चांद निकलने का समय सायंकाल 08 बजकर 04 मिनट बताया गया है. इस समय में पूजा अर्चना करना काफी शुभ और कल्याणकारी रहेगा, साथ ही चांद को देखकर पति की पूजा करते हुए पूजा का जल पीकर व्रत का पारण कर सकेंगे.

इस तरह करें करवाचौथ की पूजा

इस पावन दिन पर विशेष पूजा की जाती है, इसके लिए नीचें दी गई स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं.

1.करवाचौथ के व्रत के लिए सुबह प्रात: काल में स्नान कर भगवान की पूजा करते हुए मन में व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए.

2.शाम में सोलह श्रृंगार में करते साफ कपड़े पहनकर पूजा के लिए बैठें, शुभ मुहूर्त मंदिर के पास चौक सजाकर वहां करवाचौथ माता का चित्र लगाएं. करवे में जल भरकर उस जल अर्पित करते हुए रोली, हल्दी का टीका लगा.

3.माता गौरा, और भगवान शिव का ध्यान करते हुए करवाचौथ माता को माला और फूल आदि चढाएं. इसके बाद कथा सुने और घर में मौजूद सभी को सुनाएं.

4.माता की आरती करें और घर पर बनी खीर पूड़ी का भोग लगाकर माता से भुल चुक की क्षमा याचना करते हुए मन की मुराद मांगे.

5.इस दौरान माता पार्वती और शंकर जी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं. साथ ही चांद निकलने के बाद उन्हें अर्घ्य देकर पति को देखकर उनके हाथों से जल लेकर ही अपने व्रत का पारण करें.

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Diksha Gupta

2022 से करियर की शुरुआत कर दीक्षा बतौर कंटेंट राइटर के रूप में अपने सेवाएं दे रही हैं। लिखने, पढ़ने और कुछ नया सीखने के जोश के साथ आगे बढ़ने में विश्वास करती हैं। साथ ही एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और वायरल खबरों पर लिखने में इन्हें विशेष रुचि है। diksha.gupta1019@gmail.com पर इनसे संपर्क कर सकते हैं।
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