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Panchmukhi Hanumaan की सच्ची भक्ति से भक्तों के सभी दुखों का होता है निवारण, जानें पूजा विधि एवं महत्व

Panchmukhi Hanumaan: हिंदू धर्म एवं हिन्दी पंचांग के अनुसार, हर दिन का विशेष महत्व है। वहीं मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन हनुमान जी की सच्ची भक्ति की जाती है। कहते हैं, अगर मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की जाए तो भक्तों के जीवन में आ रही सभी परेशानियों ...

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By: Sriya Sri

Published: फ़रवरी 28, 2023 10:54 पूर्वाह्न

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Panchmukhi Hanumaan: हिंदू धर्म एवं हिन्दी पंचांग के अनुसार, हर दिन का विशेष महत्व है। वहीं मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन हनुमान जी की सच्ची भक्ति की जाती है। कहते हैं, अगर मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की जाए तो भक्तों के जीवन में आ रही सभी परेशानियों का अंत हो जाता है। वहीं पंचमुखी हनुमान का भी विशेष महत्व है। आपको बता दें, मंगलवार के दिन पंचमुखी हनुमान की पूजा अर्चना करने से भगवान राम अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वहीं भक्तों के जीवन से सभी दुखों को खत्म करते हैं।

मान्यताओं के अनुसार, हर मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इससे सभी दुखों का अंत होकर खुशियों का प्रारंभ होता है। वहीं व्यक्ति के जीवन में आ रही आर्थिक तंगी भी दूर हो जाती है। कहते हैं, इस दिन यानी मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। वहीं हनुमान चालीसा पढ़ने से भी सभी परेशानियों का अंत हो जाता है और हनुमान जी भी अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं। जैसा की आप जानते हैं, हनुमान जी के कई स्वरूप हैं। वहीं हनुमान जी का एक अवतार पंचमुखी हनुमान भी है। आपको बता दें, इस अवतार की पूजा अर्चना करने से भगवान भक्तों के जीवन में आ रही सभी संकटों का अंत कर देते हैं। इसलिए मंगलवार के दिन संकट मोचन हनुमान की पूजा अर्चना करनी चाहिए। तो आइए जानते हैं, किस तरह से करें संकट मोचन हनुमान जी की पूजा।

जानें पंचमुखी हनुमान जी का क्या है महत्व

सभी देवी-देवताओं की पूजा सच्चे मन से की जाती है। वहीं विशेष रूप से मंगलवार के दिन संकट मोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं कहा जाता है, घर के मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा लगानी चाहिए। इससे सकारात्मकता का संचार होता है। मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी के 5 मुखों का अलग-अलग महत्व है। तो आइए जानते हैं, हर मुख को क्या कहते हैं।

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  • वानर मुख
  • गरुड़ मुख
  • वराह मुख
  • नृसिंह मुख
  • अश्व मुख

जानें क्या है पूजा-विधि

स्टेप 1: सबसे पहले दक्षिण स्थान में पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें।

स्टेप 2: मंगलवार या शनिवार के दिन भगवान की पूजा करें, जिसमें उन्हें लाल फूल, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।

स्टेप 3: अब सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान की आरती करें।

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Sriya Sri

मेरा नाम श्रीया श्री है। मैं पत्रकारिता अंतिम वर्ष की छात्रा हूं। मुझे लिखना बेहद पसंद है। फिलहाल मैं डीएनपी न्यूज नेटवर्क में कंटेंट राइटर हूं। मुझे स्वास्थ्य से जुड़ी कई चीजों के बारे में पता है और इसलिए मैं हेल्थ पर आर्टिकल्स लिखती हूं। इसके अलावा मैं धर्म, लाइफस्टाइल, एस्ट्रोलॉजी और एजुकेशन के विषय में भी आर्टिकल लिखती हूं।
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