CBSE New Grading System 2026: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण पूरा पश्चिम एशियाई देश इस समय एक संकट का सामना कर रहा है। कतर, बहरीन, सऊदी अरब,यूएई, ईरान, कुवैत और ओमान में 10वीं और 12वीं कक्षा की कई बोर्ड परीक्षाओं के रद्द होने के बाद, अब सबसे अहम सवाल नतीजों की घोषणा को लेकर है। इन सबके बीच मौजूदा हालात का जायज़ा लेने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पश्चिम एशिया में रहने वाले जिनकी परीक्षाएं रद्द हुई थीं, उन छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए ‘सीबीएसई न्यू ग्रेडिंग सिस्टम 2026’ (एक हाइब्रिड मूल्यांकन मॉडल) अपनाने का फ़ैसला किया है। सीबीएसई का यह कदम उन छात्रों के लिए राहत की बात है जो अपने भविष्य के करियर को लेकर तनाव में थे।
सीबीएसई न्यू ग्रेडिंग सिस्टम 2026: रद्द परीक्षाओं के ऐसे तैयार होंगे रिजल्ट
आपको बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि 17 फरवरी से 28 फरवरी, 2026 के बीच कुछ परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई थीं। हालाँकि 5 मार्च, 2026 को स्थिति की समीक्षा करने के बाद, शेष परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा। ऐसे में अब छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बाँटकर परिणाम तैयार किए जाएँगे। आइए अब समझते हैं कि सीबीएसई न्यू ग्रेडिंग सिस्टम 2026 (हाइब्रिड मूल्यांकन मॉडल) किस प्रकार कार्य करता है। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सीबीएसई का यह हाइब्रिड मॉडल छात्रों के ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले विषयों’ के औसत अंकों पर आधारित होगा। तीन श्रेणियों में विभाजित करके समझने का प्रयास करते हैं। इसे जानने के लिए ख़बर को आखिर तक पढे़ं।
CBSE New Grading System 2026: हाइब्रिड मूल्यांकन मॉडल कैसे करता है काम?
- जिन छात्रों ने कम से कम चार परीक्षाओं में भाग लिया और चार पेपर पूरे किए, उनके शेष विषयों के अंक उनके तीन सर्वश्रेष्ठ विषयों के औसत के आधार पर सीबीएसई न्यू ग्रेडिंग सिस्टम 2026 के तहत रिजल्ट तैयार किए जाएंगे।
- जिन छात्रों ने केवल तीन परीक्षाओं में भाग लिया और तीन पेपर पूरे किए, उनके परिणाम उनके दो सबसे सर्वश्रेष्ठ विषयों के औसत के आधार पर तैयार किए जाएंगे।
- जिन छात्रों ने केवल दो परीक्षाओं में भाग लिया और केवल दो पेपर ही पूरे कर पाए, उनका रिजल्ट उन्हीं दो विषयों के औसत के आधार पर तैयार किए जाएंगे।






