Delhi Metropolitan Education:आईसीएएन-8 का सफल समापन, वैश्विक सहभागिता और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन

Delhi Metropolitan Education: दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) मीडिया स्कूल द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “आईसीएएन-8” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। “Media for People and Planet: Communication and Innovation towards Sustainable Development Goals 2030” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया पेशेवरों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में मीडिया और रणनीतिक संचार की भूमिका पर मंथन किया।

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Delhi Metropolitan Education: दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (डीएमई) मीडिया स्कूल द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “आईसीएएन-8” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। “Media for People and Planet: Communication and Innovation towards Sustainable Development Goals 2030” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया पेशेवरों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में मीडिया और रणनीतिक संचार की भूमिका पर मंथन किया।

उद्घाटन सत्र में डीएमई के महानिदेशक न्यायमूर्ति भंवर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे

सम्मेलन का शुभारंभ 16 अप्रैल को डीएमई के नेल्सन मंडेला ऑडिटोरियम में हुआ। उद्घाटन सत्र में डीएमई के महानिदेशक न्यायमूर्ति भंवर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने सम्मेलन की दिशा तय करते हुए प्रेरणादायक विचार रखे। इस अवसर पर भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के प्रबंध संपादक राधे श्याम राय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और समावेशी विकास एवं सतत भविष्य के निर्माण में मीडिया की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। डीएमई की निदेशक प्रो. (डॉ.) कोमल विग ने भी सभा को संबोधित करते हुए सतत भविष्य के लिए अकादमिक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्घाटन पूर्ण सत्र में आईआईएमसी, नई दिल्ली की प्रो. (डॉ.) सुरभि दहिया, आईपी यूनिवर्सिटी के प्रो. (डॉ.) कुलवीन त्रेहान, वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सिन्हा तथा साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रो. (डॉ.) अम्बरीश सक्सेना ने मीडिया और सतत विकास के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा किए।
इस सम्मेलन का आयोजन डीएमई के उपाध्यक्ष अमन साहनी और उपाध्यक्ष निश्ठा साहनी के मार्गदर्शन में किया गया। सम्मेलन की रूपरेखा डीएमई मीडिया स्कूल की प्रमुख एवं आईसीएएन की संयोजक डॉ. पारुल मेहरा तथा सह-संयोजक डॉ. यामिनी खुल्लर ने तैयार की। सह-संयोजक डॉ. दिव्या रस्तोगी और चेतना शर्मा ने आयोजन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आईसीएएन-8 में विश्वभर से 80 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें श्रीलंका, अमेरिका, नाइजीरिया, बांग्लादेश, भूटान, चीन और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन का समापन अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के विशेष सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रो. जतिन श्रीवास्तव, डॉ. न्गोजी ओकपारा, डॉ. एनी एफ. मैकलेनन और प्रो. (डॉ.) वजीहा रज़ा रिज़वी सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

पर्यावरण संचार, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और रणनीतिक मीडिया प्रथाओं जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए

सम्मेलन के दूसरे दिन डीएमई के डेवलपमेंट कम्युनिकेशन विशेषज्ञ ए. राजीव टिक्कू, आईओटीए वाटर के एजीएम (मार्केटिंग) अजीत कुमार सिंह तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कंवलजीत सिंह की उपस्थिति ने सत्रों को और समृद्ध बनाया। इस दौरान चार तकनीकी ऑनलाइन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें पर्यावरण संचार, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और रणनीतिक मीडिया प्रथाओं जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।
सम्मेलन का समापन वैलेडिक्टरी समारोह के साथ हुआ, जिसमें सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों और निष्कर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा प्रतिभागियों, आयोजकों और वक्ताओं के योगदान की सराहना की गई। इस अवसर पर अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया गया।
आईसीएएन-8 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि डीएमई मीडिया स्कूल अकादमिक उत्कृष्टता, वैश्विक संवाद और सतत विकास के मुद्दों पर सार्थक पहल के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मेलन न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान का सशक्त मंच बना, बल्कि एक बेहतर और समानतापूर्ण विश्व के निर्माण में मीडिया की परिवर्तनकारी भूमिका को भी स्थापित करता है।

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