NEET UG 2026 Paper Leak मामले में मनीषा वाघमारे ने क्या भूमिका निभाई, CBI की जांच में अहम खुलासे; अप्रैल में ही तैयार हो गई थी पटकथा

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार की गई आरोपी मनीषा वाघमारे की क्या भूमिका थी। जांच एजेंसी सीबीआई ने इस मामले पर कई अहम खुलासे किए हैं।

NEET UG 2026 Paper Leak

Photo Credit: Google

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला देशभर में छाया हुआ है। इंटरनेट से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच कई नाम सामने आ रहे हैं, जिसमें एक नाम मनीषा वाघमारे का भी है। जांच एजेंसी सीबीआई यानी केंद्रीय जांच ब्यूरो अब एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर भी अपनी पैनी नजर डाल रही है। ऐसे में मनीषा वाघमारे की पेपर लीक में क्या भूमिका थी? साथ ही सीबीआई ने इस मामले में कई अहम खुलासे भी किए हैं।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में क्या है मनीषा वाघमारे की भूमिका

‘India Today’ की रिपोर्ट के अनुसार, मनीषा वाघमारे ने एक मध्यस्थ के तौर पर काम किया। उन्होंने कोचिंग सत्रों के लिए छात्रों को जुटाया, जहां परीक्षा के प्रश्न लीक किए जाते थे। उन्होंने छात्रों को गिरफ्तार प्रोफेसरों से जोड़ा और उन कोचिंग कक्षाओं का इंतजाम किया, जहां लीक हुए प्रश्न साझा किए जाते थे। वाघमारे पर लीक हुए प्रश्नपत्रों को हासिल करने और उन्हें छात्रों के बीच बांटने का आरोप है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर असर पड़ा है।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी को मिली सफलता

रिपोर्ट के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मनीषा वाघमारे और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि एनटीए से जुड़ा एक अज्ञात अधिकारी अब सीबीआई की जांच के दायरे में है।

अप्रैल में ही लिख दी गई थी पेपर लीक की कहानी?

केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी केमिस्ट्री के सवाल तैयार करने और उन्हें मराठी में अनुवाद करने के काम में शामिल थे। एनटीए कभी-कभी सवाल बनाने और अनुवाद करने, दोनों कामों के लिए एक ही व्यक्ति का इस्तेमाल करता है, ताकि पेपर तक पहुंच रखने वाले लोगों की संख्या कम हो सके। उम्मीदवार नीट यूजी की परीक्षा 13 भाषाओं में देने का विकल्प चुन सकते हैं।

उधर, सीबीआई ने बताया है कि इस पूरे खेल की कहानी अप्रैल में ही लिख दी गई थी। आरोपी शिक्षिका ने पुणे की एक अन्य गिरफ्तार आरोपी मनीषा वागमारे के जरिए उन स्टूडेंट्स और अभिभावकों से संपर्क साधा, जो नीट परीक्षा पास करने के लिए किसी भी हद तक जाने या मोटी रकम देने को तैयार थे।

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