CBSE 12th Result 2026: क्या है OSM सिस्टम पर विवाद? परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर मचा बवाल, तो सीबीएसई ने साफ किया अपना रुख; जानें सबकुछ

CBSE 12th Result 2026: 13 मई को सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित किया गया था। ऐसे में अब स्कूल बोर्ड ने छात्रों की शिकायत पर अपना पक्ष रखा है। साथ ही सभी स्टूडेंट्स से खास अपील की है।

CBSE 12th Result 2026

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CBSE 12th Result 2026: बीते दिनों सीबीएसई 12वीं परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। ऐसे में रिजल्ट आते ही घमासान शुरू हो गया। सीबीएसई यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की 12वीं परीक्षा का परिणाम 13 मई को जारी हुआ, इसके बाद कई छात्रों ने कम नंबर आने की शिकायत की है। ऐसे में कई स्टूडेंट्स ने सीबीएसई की नई मूल्यांकन प्रणाली ओएसएम यानी ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सीबीएसई ओएसएम सिस्टम का बचाव किया और छात्रों को फिर से मूल्यांकन करने के लिए आवेदन करने की सलाह दी।

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 के ओएसएम विवाद पर दी सफाई

देश के सबसे नामचीन स्कूल बोर्डों में शुमार सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर कहा, ‘निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत मूल्यांकन के प्रति सीबीएसई की प्रतिबद्धता, यह देखा गया है कि सीबीएसई कक्षा XII के परिणाम घोषित होने के बाद, सोशल मीडिया पर ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) प्रणाली के तहत मूल्यांकन के संबंध में कई पोस्ट सामने आए हैं, विशेष रूप से भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित विषयों में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों के संबंध में।’

स्कूल बोर्ड ने आगे कहा, ‘ओएसएम प्रणाली को मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और एकरूपता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह प्रणाली ‘चरण-वार मार्किंग’ सुनिश्चित करती है, जो लंबे समय से बोर्ड के मूल्यांकन ढांचे की एक प्रमुख विशेषता रही है। इस प्रणाली का उद्देश्य विभिन्न विषयों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में एकरूपता और निष्पक्षता को बढ़ावा देना है।’

सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 के बाद स्कूल बोर्ड ने छात्रों से की यह अपील

छात्रों की शिकायत पर सीबीएसई ने अपना पक्ष रखते हुए बताया, ‘बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली की एक अन्य प्रमुख विशेषता उन छात्रों को ‘पुनर्मूल्यांकन’ का अवसर प्रदान करना है, जो अपने परिणामों से असंतुष्ट हो सकते हैं। यह बोर्ड की पारदर्शिता, निष्पक्षता और समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तदनुसार, यह अवसर इस वर्ष भी उपलब्ध कराया जाएगा। छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं, और यदि उन्हें कोई विसंगति दिखाई देती है, तो वे सुधारात्मक कार्रवाई का अनुरोध कर सकते हैं। ये सभी प्रक्रियाएं बोर्ड द्वारा निर्धारित तंत्र के माध्यम से ही पूरी की जानी आवश्यक हैं।’

स्कूल बोर्ड ने कहा, ‘बोर्ड एक बार फिर एक निष्पक्ष, न्यायसंगत, सुसंगत और समान मूल्यांकन प्रणाली को बनाए रखने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है, और यह सुनिश्चित करता है कि ये प्रक्रियाएं बोर्ड द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और सुदृढ़ मूल्यांकन पद्धतियों के अनुरूप हों।’

गौरतलब है कि इस साल से ही सीबीएसई ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग इवैल्यूएशन सिस्टम शुरू किया है। इस साल के सीबीएसई कक्षा 12 का पास प्रतिशत घटकर 85.2% रहा है, जो पिछले सात सालों में सबसे कम है।

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