NEET UG 2026 Paper Leak: बड़ा खुलासा, छात्रों ने पेपर हासिल करने के लिए दिए 2 से 5 लाख रुपये तक, CBI ने उठाया बड़ा कदम

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अहम खुलासा हुआ है। छात्रों ने लीक पेपर हासिल करने के लिए 2 से 5 लाख रुपये तक दिए। ऐसे में जांच एजेंसी सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है।

NEET UG 2026 Paper Leak

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NEET UG 2026 Paper Leak: भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यानी राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक मामला अब अहम मुद्दा बन चुका है। आखिरकार इस पेपर से लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई कर रही है। ऐसे में इस मामले में अहम खुलासा हुआ है। ‘ANI’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई नीट यूजी पेपर लीक मामले में पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। छात्रों ने पेपर हासिल करने के लिए कथित तौर पर 2 लाख से 5 लाख रुपये तक दिए। वहीं, जांच एजेंसी ने इस मामले में अब अहम कदम उठाते हुए जांच के दायरे को बढ़ाया है।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने उठाया बड़ा कदम

रिपोर्ट के अनुसार, नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से एक ने आरोप लगाया है कि इस मामले में शामिल बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। जांच एजेंसी सीबीआई ने बुधवार शाम जयपुर में एक जज के सामने आरोपी को पेश किया। सीबीआई के एक अधिकारी ने जज के आवास के बाहर पत्रकारों को बताया कि आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया जा रहा है।

वहीं, रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक डॉक्टर को हिरासत में लिया है और 10 लाख रुपये के लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जुन्नार से ओंकार शिंगोटे नाम के एक डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। वह डॉक्टर छत्रपति संभाजी नगर का रहने वाला है और माना जा रहा है कि वह मुख्य आरोपी धनंजय लोखंडे के संपर्क में था।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर क्या बोले एनटीए प्रमुख

उधर, नीट यूजी 2026 पेपर लीक होने के बाद एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दी थी। ऐसे में एनटीए के डीजी अभिषेक सिंह ने कहा, ‘7 मई की रात को हमें एक व्हिसलब्लोअर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर एक पेपर मिला था, जिसमें कुछ प्रश्न थे जो परीक्षा के प्रश्न से मेल खा रहे थे। हमने सभी को विश्वास दिलाया था कि इस बार नीट की परीक्षा बिना किसी त्रुटि के और जीरो टॉलरेंस के साथ आए थे, 3 तारीख को जो परीक्षा हुई वो बहुत सुचारू रूप से हुई। परीक्षा खत्म हो गई और सारी शीट्स हमें प्राप्त हो गई। मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी थी। हमारा ये प्रयास था कि हम परीक्षा के बाद भी किसी भी सूचना को उतनी ही गंभीरता से लेंगे जितना हम परीक्षा से पहले ले रहे थे।’

उन्होंने कहा, ‘हमारा काम इन आरोपों की पुष्टि करना था, और यह भी पता लगाना था कि क्या वे PDF 3 मई – यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास उपलब्ध थे। जांच करने पर पता चला कि कुछ सवाल हमारे प्रश्न पत्र से मेल खा रहे थे। यह भी पता चला कि 1 और 2 मई को, वह PDF कुछ लोगों के फोन पर उपलब्ध था, हमने ये समझा कि ऐसा होता है तो यह हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के खिलाफ था। इससे उन छात्रों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा, जो परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे, इसलिए, उनके हित को ध्यान में रखते हुए, हमने यह कड़ा निर्णय उठाया।’

सीबीआई को सौंपी गई पेपर लीक की जांच

एनटीए प्रमुख ने आगे कहा, ‘हमने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा और जेल भेजा जाएगा, ताकि छात्रों के भविष्य पर कोई बुरा असर न पड़े। हम छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेंगे, और यह पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। हमने यह भी फैसला किया है कि हम दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेंगे; साथ ही, पहली परीक्षा के लिए लिया गया शुल्क भी हम वापस कर देंगे।’

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