इस बीमारी ने सुरों की मल्लिका को बनाया कमजोर! Alka Yagnik की तरह हियरिंग लॉस से बचना है तो जानें क्या है एक्सपर्ट का 60:60 नियम

Alka Yagnik: अगर आप भी बिना सोचे समझे ईयरफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो शायद आप अलका याग्निक की तरह अपने कान के सुनने की क्षमता को खो सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में ऑडियोलॉजिस्ट ने क्या कहा है।

Alka Yagnik

Photo Credit- Google Alka Yagnik

Alka Yagnik: अपनी खूबसूरत आवाज से लाखों दिलों को जीतने वाली सिंगर की बात करें तो वह अचानक चर्चा में आ गई। रिपोर्ट में कहा गया कि जिस खूबसूरत आवाज की दुनिया दीवानी है वहीं अपनी खुद की आवाज सुनने के लिए फिलहाल जद्दोजहद कर रही है। अलका याग्निक के फैंस को तगड़ा झटका लगा। उन्होंने अपने चाहने वालों को इसे लेकर पूरी सच्चाई थी लेकिन क्या आपको पता है कि इसके लिए एक्सपर्ट ने 60: 60 नियम बताया है जो आप फॉलो कर सकते हैं। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स क्या है और इसे लेकर एक्सपर्ट ने क्या कहा है।

किस परेशानी से जूझ रही Alka Yagnik

दिग्गज गायिका अलका याग्निक दुर्लभ कान की बीमारी सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस से जूझ रही है। इस बारे में उन्होंने खुद 2024 में बताया था कि फ्लाइट से उतरते हुए अचानक इस बात का एहसास हुआ कि उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है। वहीं एक्सपर्ट ने इसे अचानक वायरस अटैक बताया जिसकी वजह से उनके कान की नसों को नुकसान पहुंचा और उनकी सुनने की क्षमता चली गई।

अलका याग्निक को क्यों आई कमजोरी

हाल ही में पद्म भूषण सम्मान लेने के लिए पहुंची अलका याग्निक को चलने सुनने में दिक्कत हो रही थी और वह पहले से काफी कमजोर नजर आ रही थी। इस वजह से वह व्हीलचेयर पर दिखाई दी। वहीं अगर इस बारे में बात करें तो अंदरूनी कान में दिक्कत होने की वजह से शरीर का संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह से चलने में दिक्कत से लेकर कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

युवाओं से अलका याग्निक ने की यह खास अपील

चाहने वाले जब सोशल मीडिया पर अलका याग्निक की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करने लगे तब गायिका ने बताया कि 2 सालों से वह लाइमलाइट से दूर इस बीमारी से जूझ रही है और धीरे-धीरे रिकवरी कर रही है। उन्होंने आजकल के युवाओं को बहुत तेज आवाज में म्यूजिक सुनने और हेडफोन का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।

क्या है कान को बचाने के लिए एक्सपर्ट का नियम

वहीं इस बारे में अगर एक्सपर्ट की बात करें तो उन्होंने कहा कि एयरपोर्ड और इयरफोंस आपके लिए नुकसानदायक होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक हमारे कान के अंदर काफी छोटे-छोटे हेयर सेल्स होते हैं जो आवाज को दिमाग तक ले जाता है। ज्यादा तेज आवाज और लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से ये हेयर सेल्स ओवर वाइब्रेट करते हैं। वहीं एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि अगर आपके कान के सुनने की क्षमता एक बार चली जाती है तो यह दोबारा नहीं हो सकता है। हेडफोन आप इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन इसके लिए 60-60 रूल फॉलो करना जरूरी है मतलब 60 की आवाज पर एक बार में 60 मिनट ही आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

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