Censor Board के नए पैनल में पंकज त्रिपाठी को देख भड़के लोग, प्रीति जिंटा-रूपाली गांगुली सहित ये 18 सदस्य करेंगे फिल्मों को पास-फेल

Censor Board: फिल्म को सर्टिफिकेट देने की जिम्मेदारी आई पंकज त्रिपाठी के पास तो सोशल मीडिया पर लोगों को हुआ आश्चर्य, आइए जानते हैं क्यों कर रहे हैं एक्टर ट्रेंड और क्या है पूरी खबर जो चर्चा में है।

Censor Board

Photo Credit- Google Censor Board

Censor Board: किसी भी फिल्म को रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड की हरी झंडी मिलनी जरूरी है लेकिन इस सबके बीच नई टीम मेंबर को देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने में पीछे नहीं हैं। दरअसल बोर्ड की नई टीम मेंबर में पंकज त्रिपाठी का नाम शामिल होने को लेकर लोग बिफरे नजर आ रहे हैं। उनकी फ़िल्में और सीरीज में इतनी गालियां दी गई है लेकिन उन्हें ही अब फिल्म को पास और फेल करने की जिम्मेदारी दी गई है। आइए जानते हैं कौन-कौन से नए नाम शामिल हुए हैं जिस पर बातें बनाई जा रही है।

Censor Board की गद्दी पर राज करेंगे ये नामी चेहरे

सेंसर बोर्ड के इस नए पैनल की बात करें तो इसमें प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, रूपाली गांगुली, पल्लवी जोशी, मनोज जोशी, प्रियदर्शन, रिकी केज, प्रोसेनजीत चटर्जी, हंसराज हंस, विनोद अनुपम, अभिषेक जैन, सुप्रिया यार्लागड्डा, नीला मदहब पांदा, निशिगंधा वाड, वमन केंद्रे, रमेश पतंगे और यतींद्र मिश्र का नाम शामिल है।

आखिर कब तक के लिए है नई टीम के पास जिम्मेदारी

जहां तक इस नई टीम की बात करें तो सेंसर बोर्ड की गद्दी पर फिलहाल तो यह सवार हो चुके हैं लेकिन आखिर यह कब तक आने वाली फिल्मों को पास फेल करेंगे यह सबसे बड़ा सवाल उठता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले 3 साल तक या जब तक आधिकारिक तौर पर टीम में बदलाव नहीं होता है तब तक फिल्मों को सर्टिफाइड करने की जिम्मेदारी इस नई टीम की होगी।

पंकज त्रिपाठी पर लोगों ने उठाए सवाल

हालांकि इस सबके बीच सबसे ज्यादा पंकज त्रिपाठी को लोग ट्रोल कर रहे हैं और उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की बातें बनाई जा रही है। जहां एक यूजर ने कहा, “आज भारत सरकार ने सेंसर बोर्ड की कमेटी का गठन किया है जिसमें प्रीति जिंटा, सुनील शेट्टी और पंकज त्रिपाठी समेत 18 लोग हैं। मुझे इसमें पंकज त्रिपाठी का नाम देखकर आश्चर्य हुआ। मिर्जापुर वेब सीरीज से लेकर फिल्म में गालियों का ढेर लगा हुआ है और जो लोग इस फिल्म के मुख्य किरदार हैं वही लोग अब सेंसर बोर्ड के सदस्य बने बैठे हैं। दर्शकों तक सही और फिल्टर्ड कंटेंट पहुंचाना मगर अब सेंसर बोर्ड में सदस्य ऐसे बैठे हो तो क्या ही उम्मीद की जाएगी।”

 

Exit mobile version