Elnaaz Norouzi: सीक्रेड गेम्स में अपने दमदार छवि से चर्चा में आई एलनाज नोरौजी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई है। हालांकि इस सबके बीच यूएस इजरायल ईरान वॉर के बीच सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद खुशी व्यक्त करते हुए ईरान को आजाद बताते हुए नजर आई थी लेकिन अब उन्होंने क्यों देश में डेमोक्रेसी की जरूरत के बारे में बात करते हुए दिखी। वहीं इसके साथ ही यह भी कहा कि ईरान में सिर्फ मुस्लिम नहीं रहते थे। आइए जानते हैं आखिर एलनाज नोरौजी ऐसा क्या कहा जो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
Elnaaz Norouzi ने क्यों ईरान को बताया कॉम्प्लेक्स
जहां सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान को लेकर खुशी व्यक्त करते हुए एलनाज नोरौजी ने अपने दिल की बात कही थी। वहीं बाद में उन्होंने यह भी कहा था कि मुझे डर है कि कहीं कट्टरपंथी उनके परिवार को निशाना न बनाने लगे। उन्हें जान का खतरा भी हो सकता है। वहीं एलनाज नोरौजी ने कहा कि ईरान कॉम्प्लेक्स है। इस्लामिक रिपब्लिक ने ईरान में जो किया है, वह सिर्फ़ निकोलस मादुरो या सद्दाम हुसैन बनाना नहीं है। वहां सुप्रीम लीडर (दिवंगत खामेनेई) हैं, उनके अंडर लोग और पार्टियां हैं – हिज़्बुल्लाह, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) है, बसीज हैं। वे हूथी, हमास को सपोर्ट करते हैं। वे सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी, जिनका नाम पूरे ईरान में गूंज रहा है। लोग ईरान में डेमोक्रेसी चाहते हैं।
ईरान के जेन जी को लेकर क्या बोली एलनाज नोरौजी
इतने पर ही एलनाज नोरौजी नहीं रुकी और उन्होंने कहा कि Gen Z को ठीक-ठीक पता है कि उनके लिए क्या सही है। पुरानी पीढ़ी, हमारे दादा-दादी कहते हैं कि उन्होंने सालों पहले सरकार बदलने की मांग करके गलती की थी। ‘शाह के समय में हमारे पास बहुत अच्छा था। वे कहते हैं, ‘यह सेक्युलर और अलग-अलग तरह का था।’ पिछले 40 सालों से, ईरान के बहुत से लोग इस उम्मीद में सोते और जागते हैं कि एक दिन वे इस राज से आज़ाद हो जाएंगे।
एलनाज नोरौजी ने इस मामले में की भारत और ईरान की तुलना
इसके साथ ही भारत की ईरान से तुलना करते हुए एलनाज नोरौजी ने कहा कि भारत की तरह ही, ईरान में भी अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के लोग रहते थे। यह अलग-अलग तरह का था। ईरान कभी इस्लामिक देश नहीं था, यह ज़्यादातर ज़ोरोस्ट्रियन था। ईरान पर्शिया था, और पर्शिया यूरेशियन था। अरबों के आने से पहले, ईरान में ईसाई, बहाई और रूसी लोग रहते थे। यह सिर्फ़ मुसलमानों के लिए नहीं था। आपको जो पहनना है पहनने की, जो कहना है कहने की आज़ादी थी। ईरान को उन दिनों में वापस जाने के लिए डेमोक्रेसी की ज़रूरत है।
ईरान मूल की रहने वाली एलनाज नोरौजी 8 साल की उम्र में ही देश को छोड़ चुकी हैं और वह जर्मनी में रहती थी जहां से मॉडलिंग के बाद भारत में सीक्रेड गेम्स से अपनी एक पहचान पा चुकी है।
