रतलाम से निकले बॉलीवुड रैपर और सिंगर सेंटी शर्मा (Santy Sharma) ने मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर मेकर्स की कड़ी आलोचना की है, सेंटी के अनुसार वो खुद जाती से ब्राह्मण और कर्म से पंडित है, इस प्रकार जातिगत शब्दों का उपयोग करके मेकर्स ने ब्राह्मणो पंडितो को टारगेट करके अपमानित किआ है, घूसखोर शब्द के साथ कुछ और टाइटल भी लगाया जा सकता था परन्तु जानबुझ कर पंडितो को अपमानित करना आजकल का ट्रेंड बन गया है. सेंटी ने यह भी बताया की “यह टाइटल फिल्म निर्माता ने रजिस्टर भी नहीं करवाया था, इसके बावजूद उन्होंने फिल्म का ट्रेलर OTT पर रिलीज़ कर दिया”.
सेंटी ने कहा की “भारत में सरकार के द्वारा UGC कानून लाकर पहले सवर्णो को और अब फिल्म निर्माताओ द्वारा ब्राह्मणो को टारगेट करना बताता है की नया भारत किस दिशा में जा रहा है. आज ब्राह्मणो और सवर्णो को बिना किसी गलती के टारगेट किआ जा रहा है, कल को किसी और को टारगेट किआ जायेगा, ऐसे में सरकार को एक कानून लाना चाहिए जिससे भविष्य में इस प्रकार के अपमानित शब्द का उपयोग नहीं किआ जा सके.
जाने क्या है यह पूरा विवाद?
मनोज बाजपेयी स्टारर नेटफ्लिक्स की अपकमिंग थ्रिलर फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज़ के पहले ही विवादों में घिर गई है। मुंबई में हुए एक इवेंट के दौरान इसका टीज़र लॉन्च होते ही इस पर आपत्तियां शुरू हो गईं। मुंबई के एक वकील ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताते हुए लीगल नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया कि ‘घूसखोर’ और ‘पंडत’ शब्द का साथ में इस्तेमाल पंडित समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के मेकर्स और टीम के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। बढ़ते विवाद को देखते हुए केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स को फिल्म के सभी प्रमोशनल कंटेंट और टीज़र हटाने के आदेश दिए, जिसके बाद इन्हें हटा लिया गया। विवाद के बीच मेकर नीरज पांडे ने बयान जारी कर कहा कि यह एक फिक्शनल कॉप ड्रामा है और ‘पंडत’ शब्द सिर्फ एक काल्पनिक किरदार का उपनाम है, जिसका किसी समुदाय से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने फिलहाल सभी प्रमोशन रोक दिए हैं। फिल्म में मनोज बाजपेयी अजय दीक्षित नाम के एक भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर का किरदार निभा रहे हैं, जिसे ‘पंडत’ कहा जाता है, जबकि नुसरत भरूचा और साकिब सलीम भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।






