Fatty Liver: लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग होता है. अगर इसमें जरा सी भी दिक्कत आती है तो दिल से लेकर दिमाग तक प्रभावित होता है. इसका काम खून को फिल्टर करके अन्य अंगों तक भेजना होता है. खराब खान -पीन और शराब के सेवन से लिवर पर चर्बी जमना शुरु हो जाती है. जिसके कारण ये ठीक से काम नहीं करता है. स्थिति बिगड़ने पर मरीज की मौत तक हो जाती है. इसीलिए सही डाइट लेना बहुत जरुरी होता है. फैटी लिवर में अगर शराब, चीनी , मैदा, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, पैकेटबंद स्नैक्स, और ज्यादा नमक और तली भूनी चीजों का सेवन किया जाता है तो ये हेल्थ के लिए बहुत ही खराब होता है. इसीलिए डॉक्टर के द्वारा कुछ ऐसे फल बताए जा रहे, जिनके सेवन से मरीज को राहत मिलती है. The Gastro Liver Hospital Kanpur के डॉक्टर वीके मिश्रा कुछ चुनिंदा फाइबर युक्त फलों के बारे में मरीजों को खाने की सलाह दे रहे हैं.
Fatty Liver के मरीजों के लिए बेस्ट हैं बेरीज
फैटी लिवर से सूझ रहे मरीजों को बेरीज , ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रसभरी जैसे रसीले फलों का जरुर सेवन करना चाहिए. इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो लिवर को इस गंभीर बीमारी से बचाते हैं.
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वीडियो क्रेडिट-The Gastro Liver Hospital Kanpur
सेब देगा फैटी लिवर में राहत
इसी तरह लिवर की बीमारी में सेब का सेवन भी लाभकारी माना जाता है. सेब में पेक्टिन फाइबर होता है. ये टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पाचन ठीक करता है.
खट्टे फलों का करें सेवन
लिवर के मरीजों को अपनी डाइट में खट्टे फलों का सेवन जरुर करना चाहिए. आप नींबू, संतरा और अंगूर खा सकते हैं. क्योंकि इसमें विटामिन सी होता है, जो लिवर को डिटॉक्स करते है और इस पर जमीं चर्बी को बाहर निकालता है.
लिवर की बीमारियों के लिए बेस्ट है पपीता
पपीता भी फैटी लिवर में बहुत काम करता है. ये लिवर पर जमी चर्बी को तो साफ करता ही है. इसके साथ ही सूजन को भी कम करके दर्द में राहत देता है. पाचन शक्ति को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.
एवाकाडो का बनाएं डाइट का हिस्सा
एवोकाडो में हेल्दी वसा होता है ये लिवर को डैमेज होने से बचाता है. इसके साथ ही दर्द से राहत देता है.
चकुंदर के साथ इन रसीले फलों का करें सेवन
इसी तरह मरीज चुकंदर , तरबूज और खरबूज को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. ये फाइबर युक्त होते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की सूजन कम करते हैं. इसके साथ ही हाइड्रेटिंग होते हैं और लीवर पर कम दबाव डालते हैं. जिसकी वजह से लिवर को कम काम करना पड़ता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
