Methi Benefits: अब हर आयु वर्ग के लोगों के सामने एक समस्या सामने आ रही है। उनके शरीर में थकावट के साथ भयंकर दर्द रहता है। सुबह उठने पर ये समस्या बहुत ज्यादा बढ़ती है। अगर आप भी तमाम दवा खाने के बाद भी इस दर्द से राहत नहीं पा रहे हैं तो डॉक्टर सलीम जैदी के द्वारा बताए गए मेथी के पानी को इस तरह से पी सकते हैं।ये बहुत ही अच्छी औषधि मानी जाती है। डॉक्टर का कहना है कि, रोजाना एक्सरसाइज करते हैं। कैल्शियम की टेबलेट भी लेते हैं, विटामिन डी लेते हैं, पेन किलर्स भी लेते हैं। सब कुछ खाते हैं। सुबह वॉक भी करते हैं। लेकिन फिर भी हर वक्त हाथ पैर अकड़े-अकड़े से लगते हैं। घुटनों में दर्द, पैरों में जलन और शाम होते-होते ही बॉडी बिल्कुल थक जाती है। अगर आप सोचते हैं कि यह सब शायद आपकी उम्र का असर है, प्रॉब्लम आपकी उम्र नहीं होती। प्रॉब्लम होती है बॉडी के अंदर चल रहा साइलेंट डैमेज है।
Methi Benefits: मेथी कैसे देती है राहत?
ज्यादातर लोग दर्द की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं। कैल्शियम की टेबलेट्स लेना शुरू कर देते हैं या फिर मान लेते हैं कि अब तो एज हो गई है। 35-40 साल के बाद जब हमारी बॉडी में उम्र ढलने लगती है तो तीन सबसे बड़े बदलाव आने शुरू होते हैं।
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट: Healthy Hamesha
यह बदलाव हैं इनफ्लेमेशन, वीक सर्कुलेशन और इंसुलिन रेजिस्टेंस। इनफ्लेमेशन मतलब बॉडी के अंदर ही अंदर जल रही एक तरह की आग। वीक सर्कुलेशन मतलब रिपेयर मटेरियल जो है वह टाइम पर जगह पर नहीं पहुंच पा रहा है और इंसुलिन रेजिस्टेंस मतलब बॉडी की सेल्स इंसुलिन को रेस्पोंड करना बंद कर चुकी हैं। इसी के नतीजे में दर्द, स्टिफनेस और प्रीमैच्योर एजिंग शुरू हो जाती है। मेथी बॉडी के कंट्रोल सिस्टम को स्ट्रांग बनाती है। जब आप मेथी दाना भिगोते हैं ना पानी में तो उसके अंदर जो सॉलुबल फाइबर होता है वो एक्टिवेट हो जाता है। अब इस फाइबर का काम क्या होता है? यह सिर्फ आपके डाइजेशन को ही नहीं इंप्रूव करता बल्कि यह फाइबर इनफ्लेमेशन को भी शांत करता है। भीगी हुई मेथी दाना खाने से उम्र तो बढ़ती है लेकिन बॉडी जवान ही रहती है। लेकिन ध्यान रखिए दोस्तों क्योंकि गलत तरीके से मेथी दाना लेने से आपको कोई फायदा नहीं होगा।
मेथी का पानी कैसे बनाएं?
आप रात को एक टीस्पून मेथी दाना ले लीजिए और एक कप पानी के अंदर इसको भिगो दीजिए । सुबह खाली पेट इसका जो पानी है वो छानकर पी लीजिए और जो मेथी दाना है वो चबा चबाकर खा लीजिए। शुरुआत हमेशा एक चम्मच से कीजिएगा । मैक्सिमम आप इसको दो टीस्पून या फिर मैक्सिमम उससे भी ज्यादा लेना चाहते हैं, तो एक टेबलस्पून से ज्यादा आपको इसको लेने की जरूरत नहीं है। शुरुआत हमेशा कम से कीजिए और फिर धीरे-धीरे ग्रेजुअली डोज़ को बढ़ाइए। देखिए कि आपकी बॉडी कैसे उसे रिस्पॉन्ड कर रही है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
