Gut Health: पाचन तंत्र बिगड़ते ही शरीर कई बिमारियों से घिरता जाता है। इसीलिए आंतों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। अगर आप भी पेट संबंधी समस्याओं से नहीं जूझना चाहते हैं तो डॉक्टर वीके मिश्रा के द्वारा बताए जा रहे इन 5 फूड से आज ही तौबा कर लें। गेस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल कानपुर के डॉक्टर अनुसार, प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर, रिफाइंड कार्ब्स, और अत्यधिक अल्कोहल ,कैफीन और मीट प्रोटीन गट हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं और गुड बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं। इन चीजों से परहेज करके पेट की समस्याओं से बचा जा सकता है।
Gut Health: प्रोसेस्ड फूड से बनाएं दूरी
डॉक्टर वीके मिश्रा का कहना है कि, प्रोसेस्ड फूड हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया को मारकर और आंतों की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाकर गट हेल्थ को पूरी तरह बिगाड़ देते हैं। इसीलिए चिप्स, तला-भूना और फास्ट फूड खाने से बचना चाहिए।
रिफाइंड शुगर बिगाड़ देगी पाचन
रिफाइंड शुगर यानी की सफेद चीनी भी आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को मारकर और खराब बैक्टीरिया को बढ़ाकर गट हेल्थ को पूरी तरह तबाह कर देती है।
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इसीलिए अगर आप मीठा बहुत खा रहे हैं तो इसके सेवन से बचें। इससे पेट का नेचुरल माइक्रोबायोम संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है।
एल्कोहल और कैफीन से बचें
इसी तरह अगर आप शराब, चाय या फिर कॉफी का बहुत सेवन कर रहे हैं तो, इसे कम करें। ये पाचन तंत्र को बिगाड़ देती हैं। इससे एसिडिटी, अल्सर और गैस जैसी समस्याएं होने लगती है। आंतों से ये तीनों ही ड्रिंक बहुत नुकसान पहुंचाती हैं।
रिफाइंड कार्ब्स खराब कर सकती हैं आंतें
अगर आप रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा, सफेद चावल, पास्ता और बिस्कुट बहुत खा रहे हैं तो इसे कम करें। ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने के कारण ये हमारी गट हेल्थ को बुरी तरह बिगाड़ते हैं। जिसके कारण पाचन संबंधी परेशानियां होने लगती है।
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट पेट कर सकता खराब
अगर आप रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का बहुत सेवन कर रहे हैं तो इसे कम कर दें। क्योंकि ये आंतों को प्रभावित करते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया को नष्ट करके गट हेल्थ को बिगाड़ देते हैं। जिसके कारण पाचन संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। ज्यादा मीट आंते पचा नहीं पाता हैं। जिसके कारण पेट में ही खाना सड़ने लगता है। जिसकी वजह से पाचन क्रिया बिगड़ जाती है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
