Hair Fall Treatment: गिरते बालों और गंजेपन की समस्या से हर तीसरा इंसान जूझ रहा है। वैसे तो बालों के गिरने के अनेक कारण होते हैं। लेकिन कई बार महंगे शैंम्पू और ट्रीटमेंट भी इस पर लगाम नहीं लगा पाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो जाने-माने आयुर्वेद के डॉक्टर सुभाष गोयल का ये सीक्रेट हेयर मास्क आपको जरुर ट्राई करना चाहिए। इसे आसानी से बेहद आसान तरीके से घर पर ही बनाया जा सकता है। डॉक्टर का दावा है कि, बहुत जल्द इसका असर रिजल्ट के रुप में दिखता है।
Hair Fall Treatment के लिए बनाएं खास हेयरमास्क
डॉक्टर सुभाष गोयल के द्वारा बताए जा रहे हेयरमास्क को बनाने के लिए आपको मेथी दाना, आंवले का पाउडर, कलौंजी पाउडर, दो चम्मच दही, एक चम्मच चीनी की जरुरत पड़ेगी। इसके साथ ही हाथी मार्के के सरसों के तेल की बूंदे भी डालना है। इस सारे मिश्रण को एक लोहे की कढ़ाई में मिक्स करना है।
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट-shubhankarmishraofficial
अगर आपके बाल बड़े हैं तो इसकी मात्रा को बढ़ा सकते हैं। इन सभी को अच्छे से मिक्स करके बालों की जड़ों पर लगाना है। एक घंटे के बाद इस मास्क को किसी भी माइल्ड शैम्पू से वॉश कर लेना है। कुछ दिन के अंतराल के बाद अगर आप इसका इस्तेमाल करते हैं तो फायदा मिलेगा।
देसी हेयर मास्क कैसे करता है टूटते बालों पर काम?
क्योंकि मेथी में प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड होता है। ये बालों को टूटने से बचाएगी। वहीं, कलौजी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण होते हैं। ये स्कैल्प को साफ रखती है। वहीं, दही में लैक्टिक एसिड होता है। ये डैंड्रफ होने से रोकती है। सरसों के तेल में फैटी एसिड और ओमेगा-3 न्यूट्रिएंट्स होता है। ये स्कैल्प को मॉइस्चारइज रखती है। वहीं, चीनी सिर की डेड स्किन को बाहर निकालती है। इन सभी को अगर लोहे की कढ़ाई में मिक्स किया जाता है तो इसमें आयरन आ जाता है। जिसके कारण ये बालों को जड़ों से मजबूती देता है। इसीलिए इस मास्क को आप घर पर बहुत ही आसानी से बना सकते हैं। इसे छोटे और बड़े दोनों बालों में लगाया जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
