Liver Health: लिवर शरीर का अहम हिस्सा होता है. ये खाने को पचाने के साथ-साथ खून को फिल्टर करके बॉडी के अन्य हिस्सों तक भेजता है. अगर इसमें किसी भी तरह की समस्याएं हो जाएं तो दिल से लेकर दिमाग तक में जानलेवा बीमारियां घर बना लेती हैं. लिवर यानी की पित्त की सबसे खतरनाक बीमारियां फैटी लिवर, हेपेटािटिस, लिवर सिरोसिस, लिवर कैंसर हैं. लिवर को खराब करने के प्रमुख कारण शराब, तनाव, खराब खानपन, दवाओं के साइड इफेक्ट और गंदा पानी माने जाते हैं. लिवर जब खराब होता है तो त्वचा पर कुछ बीमारियां दिखने लगती हैं. अगर इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. डॉक्टर शेट्टी के द्वारा 4 ऐसी ही त्वचा संबंधी लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है.
पीलिया को ना करें इग्नोर
पीलिया होना भी लिवर के खराब होने का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है. डॉक्टर शेट्टी का कहना है कि, लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो ये रक्त से बिलीरुबिन नाम के पीले पदार्थ को बाहर नहीं निकलने देता है. जिसकी वजह से ये शरीर में जमा होकर लिवर को नुकसान पहुंचाता है. पीलिया शरीर को पीला कर देता है. ये सबसे पहले आंखों में दिखाता है. अगर शरीर में पीलिया जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो नजर अंदाज ना करें.
शरीर में नीले धब्बे
अगर बिना चोट शरीर में नीले धब्बे दिख रहे हैं तो ये लिवर के खराब होने के लक्षण हो सकते हैं.बिना किसी चोट के त्वचा पर नीले या बैंगनी धब्बे पड़ना हल्के में ना लें. लिवर की बीमारी में प्लेटलेट्स की कमी से भी नीले धब्बे पड़ने लगते हैं.
हथेलियों का रंग बदलना
पित्त में जब समस्या होती है तो हथेलियों का रंग बदलने लगता है. इन्हें ‘लिवर पाम्स’ कहा जाता है। डॉक्टर का कहना है कि, लिवर खराब होने पर ये एस्ट्रोजन हार्मोन को ठीक से मेटाबोलाइज नहीं कर पाता।जिसके कारण हथेलियों का रंग बदल जाता है. इसलिए इस लक्षण को जरा भी नजरअंदाज ना करें.
शरीर में खुजली होना
लिवर खराब होने पर शरीर के गर्दन वाले हिस्से में खुजली होने लगती है. इसे प्रुरिटस कहते हैं. जब लिवर खराब होता है, तो वह पित्त को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाता। इसके कारण बिलीरुबिन और रक्त के माध्यम से त्वचा के नीचे जमा होने लगते हैं. जिसके कारण शरीर में खुजली होने लगते हैं. ऐसा लिवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस के कारण होता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
