Liver Health: लीवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग होता है. ये खून को फिल्टर करके शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाता है और गंदगी को बाहर निकालता है. अगर इसमें किसी भी प्रकार की समस्याएं आती हैं तो दिल और दिमाग को प्रभावित करता है. इसकी सबसे गंभीर बीमारियां लीवर सिरोसिस, लिवर कैंसर, हेपेटाइटिस B और C और लीवर फेलियर हैं. ये समस्याएं मरीज की जान तक ले लेती हैं. इसीलिए इसका ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है. लीवर की बीमारियों को दावत देने वाले तीन तरह खाने होते हैं. इसकी जानकारी डॉक्टर के द्वारा दी जा रही है.
Liver Health: शुगर ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस से रहें दूर
एम्स, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से पढ़े गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी का कहना है कि, शुगर ड्रिंक्स जैसे सोडा और पैकेज्ड जूस लीवर को खराब करते हैं.शुगर ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज की मात्रा बहुत अधिक होती है. ये लीवर को इसीलिए डैमेज करता है.
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पैकेड बंद जूस या कोल्ड ड्रिंक पीने से ये शरीर में फैट को बढ़ा देती हैं. जिसका प्रभाव लीवर सहित पूरी बॉडी पर पड़ता है. डॉक्टर का कहना है कि,इससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज होती है. इन ड्रिंक को पीने से इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण लीवर पर अधिक वसा जमा करने लगता ये टाइप 2 डायबिटीज भी बढ़ाती है.
डीप फ्राई भोजन से बचें
डॉक्टर सौरभ शेट्टी का कहना है कि, अगर हम डीप फ्राई कर रहे हैं, तो ये लीवर को बीमार करता है. समोसे, फ्रेंच फ्राइज और फ्राइड चिकन जैसी तमाम चीजें लीवर को डैमेज करते हैं.तली हुई चीजें लीवर की कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचाती हैं. डीप फ्राइड फूड शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं. इससे लिवर पर सूजन आ जाता है. क्योंकि ये बेकार रिफाइंड तेल और ट्रांस फैट से भरे होते हैं. इसीलिइ इनके सेवन से बचना टाहिए.
अल्ट्रा डीप फ्राई लीवर को करता है डैमेज
इसी तरह अल्ट्रा डीप फ्राई खाने की चीजें भी लीवर की हेल्थ को बिगाड़ती हैं. ये तली हुई चीजों से भी अधिक खतरनाक है क्योंकि इन्हें अक्सर बहुत उच्च तापमान पर और बार-बार गर्म किए गए तेल में पकाया जाता है. जिसके कारण इसक फैट लीवर में जम जाता है. जब खाने को बहुत अधिक तापमान पर देर तक तला जाता है, तो उसमें हेटरोसाइक्लिक एमाइन्स और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन बढ़ जाता है. जिसके कारण लीवर ही नहीं बॉडी के तमाम अंग प्रभावित होते हैं.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
