Ramadan 2026: रमजान का पाक माह बहुत जल्द शुरु होने वाला है। 19 या फिर 20 फरवरी से इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना भारत में भी शुरु होने वाला है। ये रहमतों और गुनाहों की माफी का महीना होता है। इन तीस दिनों में मुस्लिम धर्म के लोग रोजा रखते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या शुगर और मरीज के लोगों को होती है। अगर ये रमजान रखना चाहें तो बीपी और डायबिटीज को कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि ये दोनों ही बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में अगर थोड़ा सा डाइट, दवा और मॉनिटरिंग पर ध्यान रखा जाए तो रोजेदार लोग भी डायबिटिज और ब्लड प्रेशर पर लगाम लगा सकते हैं।
रमजान में डायबिटीज कंट्रोल कैसे करें?
1-शुगल लेवल जांच
अगर शुगर का मरीज रोजा रख रहा है तो उसे नियमित रुप से डायबिटिज का लेवल चेक करना होगा। दिन में 2 से 3 बार इसे जांच सकते हैं। इससे उन्हें शुगर के बढ़े और घटे हुए लेवल का पता चल जाएगा।
2-सेहरी में क्या खाएं?
डायबिटिज के मरीजों को सेहरी में ऐसी चीजों को खाना चाहिए। जो उन्हें दिन भर धीरे-धीरे एनर्जी देते रहें। इसके लिए अपनी डाइट में ओट्स, दलिया, साबुत अनाज , प्रोटीन और फाइबर के साथ पनीर को सीमित मात्रा में शामिल कर सकते हैं।
3-इफ्तार करते हुए रखें इन बातों का ध्यान
इसी तरह इफ्तार यानी की रोजा खोलते हुए खाने की चीजों का खास ध्यान रखना है। पेशेंट को रोजा खोलते हुए बहुत की कम मात्रा में मीठे और तले-भूने का सेवन करना है। इसके साथ ही भरपूर मात्रा पानी पीना है। इससे शरीर में डिहाइड्रेशन नहीं रहती है।
रमजान में ब्लड प्रेशर के मरीज किन बातों का रखें ध्यान?
1-ब्लड प्रेशर के मरीज क्या खाए?
बल्ड प्रेशर पर मरीज के द्वारा खाई गई डाइट का पूरा असर पड़ता है। इसीलिए सेहरी और इफ्तार में नमक का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करें। इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड, तलाभूना, रेड मीट और सोडियम से युक्त खाने से बचें। इनकी जगह केला, खजूर, शकरकंद और पालक, अंडा और दाल खा सकते हैंं। इस दौरान पोटेशियम वाली चीजों का सेवन करें।
2-तनाव से बचें
रमजान के दौरान सुबह से लेकर शाम तक भूखा और प्यार रहना पड़ता है। इसीलिए ज्यादा पानी के साथ-साथ पूरी नींद लें और तनाव से बचें।
3- योग और एक्सरसाइज
हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे मरीज को हल्का योग या फिर एक्सरसाइज जरुर करना है ताकि शरीर एक्टिव रहे और बीपी कंट्रोल रहे। इसके साथ ही दवा खाने का समय अपने डॉक्टर से पूछें।
डॉक्टर की एडवाइज लें
रोजा रखते हुए अपनी मेडिकल हिस्ट्री का जरुर ध्यान रखें बिना डॉक्टर की परामर्श के ना रखें ये बीमारी को बढ़ा सकता है।शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज रोजा रखने से पहले अपनी स्थिति के बारे में डॉक्टर को जरुर बताएं। अगर फास्टिंग के दौरान किसी भी तरह की बेचैनी, घबराहट, पसीने और चक्कर के साथ बेहोशी होती है तो जरा भी लापरवाही ना करें बल्कि डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






