Heart Attack के मरीजों के लिए ये 3 फिजिकल एक्टिविटी किसी मौत से कम नहीं ? भूलकर भी ना करें

Heart Attack: डॉक्टर विमल छाजेड़ के द्वारा बताया जा रहा है कि, हार्ट अटैक के मरीजों के लिए ये 3 प्रकार के शारीरिक कार्य काफी नुकसान पहुंचाते हैं. यहां जानें किन चीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

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Heart Attack: Picture Credit: Google

Heart Attack :  हेल्दी लाइफ के लिए डॉक्टर के द्वारा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है. लेकिन क्या आपको पता है? हार्ट अटैक के मरीजों के द्वारा की गई तीन प्रकार की शारीरिक गतिविधियां सीधे मौत को दावत देती हैं.  इसकी जानकारी देश के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर विमल छाजेड़  द रहे हैं.  उनका कहना है कि, दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भूलकर भी रनिंग नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही कुछ अन्य ऐसी एक्टिविटी भी हैं जो उन्हें सीधे मौत तक ले जा सकती हैं.

Heart Attack  के मरीजों को भूलकर भी ज्यादा वजन नहीं उठाना चाहिए

हार्ट ब्लॉकेज से जूझ रहे लोगों को कभी भी रनिंग नहीं करनी चाहिए. क्योंकि यह हृदय पर अचानक और बहुत अधिक दबाव डालता है. जिसकी वजह से तुरंत हार्ट फेल हो सकता है. क्योंकि दौड़ते हुए हार्ट को रक्त की अत्यधिक जरुरत होती है.

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ब्लॉकेज होने के कारण जब ये नहीं हो पाता है तो मरीज की हालत और भी ज्याद खराब हो सकती है. दौड़ने से दिल की गति भी तेजी से बढ़ती है. जिसकी वजह पेशेंट मुसीबत में फंस सकता है.

वेट लिफ्टिंग से बचें

हार्ट अटैक या ब्लॉकेज की समस्या से जूझ रहे लोगों को कभी भी भारी वेट नहीं उठाना चाहिए. ये दिल पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है. डॉक्टर का कहना है कि, “भारी वजन उठाने से शरीर की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है. यह बढ़े हुए दबाव के कारण ब्लॉकेज के ऊपर का पर्दा फटने का खतरा पैदा करता है, जिससे तुरंत हार्ट अटैक आ सकता है.” इसके साथ ही सीने का दर्द भी बढ़ सकता है. इसीलिए 20 किलो तक ही अधिक से अधिक वजन उठाएं.

दिल के मरीज भारी सामान को धक्का  देने से बचें

डॉक्टर बिमल छाजेड़ का कहना है कि, दिल के मरीजों को भारी सामान को धक्का  नहीं देना चाहिए. क्योंकि यह दिल पर अत्यधिक दबाव डालता है. जिसके कारण मरीज की जान जा सकती है.धक्का देने में शरीर की बहुत अधिक ऊर्जा लगती है. इससे हृदय की गति अचानक और बहुत तेजी से बढ़ जाती है. इससे हार्ट अटैक आ सकता है. वहीं, मरीज को सीने में भयंकर दर्द भी हो सकता है. धक्का देते समय शरीर की मांसपेशियों को बहुत अधिक ऑक्सीजन चाहिए होता है. लेकिन दिल के मरीजों के लिए ये संभव नहीं हो पाता है. जिसके कारण हार्ट पेशेंट की मौत हो सकती है.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

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