Vitamin B12: विटामिन बी 12 शरीर में बनता नहीं है. इसीलिए वेज और नॉनवेज से पूरा किया जाता है. ये लाल रक्त कोशिकाओं को बनाता है. इसके साथ ही नर्वस सिस्टम की सुरक्षा करता है. विटामिन बी 12 का काम एनर्जी और मेटाबॉलिज्म को तेज करना होता है. ब्रेन और हार्ट के लिए भी ये बहुत अच्छा होता है. इसीलिए इसकी कमी से शरीर में हाथों-पैरों में लगातार झुनझुनी, सुन्नपन और दर्द के साथ सोचने-समझने की शक्ति कम होना, भ्रम और याददाश्त कमजोर होने लग जाती है. वहीं, डिप्रेशन और एनजाइटी भी होती है. वहीं, आंखों की रोशनी भी कम होने लगती है. इसीलिए विटामिन बी 12 की कमी को बिल्कुल भी हल्के में ना लें. सही समय पर इन तीन लक्षणों को पहचानकर इन्हें पूरा करें. डॉक्टर वीके मिश्रा इसकी जानकारी दे रहे हैं. वो द गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल कानपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
1-Vitamin B12 की कमी से हाथों और पैरों में होती है झुनझुनाहट
डॉक्टर वीके मिश्रा का कहना है कि, विटामिन बी 12 की कमी होने पर हाथों और पैरों में सुई चुभने जैसी झुनझुनाहट महसूस होने लगती है. इस दौरान चलने-फिरने में लड़खड़ाहट होना और शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसा महसूस होता है.
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वीडियो क्रेडिट-The Gastro Liver Hospital Kanpur
ऐसा लंबे समय तक विटामिन बी 12 की कमी होन से शरीर की नसें का खराब होना होता है. इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
2-एनीमिया की कमी
विटामिन बी 12 की कमी से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो जाता है. इसमें लाल रक्त कोशिकाओं का आकार बढ़ जाता है. जिसके कारण ये ठीक से काम नहीं करती हैं. इससे शरीर में खून की कमी, कमजोरी, थकान और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखने लगते हैं.इतना ही नहीं अत्यधिक थकान, कमजोरी और त्वचा का पीला पड़ना भी इसी का लक्षण है.
3-याददाश्त में कमी
इस विटामिनबी 12 की कमी ज्यादा होने पर याददाश्त में कमी आने लगती है. वहीं, डिमेंशिया भी इसी का कारण होता है. ये दिमाग को इतना ज्यादा प्रभावित करता है कि, पीड़ित को डिप्रेशन और अनजाइटी होने लगती है.
विटामिन बी12 की कमी को कैसे करें ठीक?
विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए डॉ. वी.के. मिश्रा का कहना है कि, पीड़ित को दूध, दही, पनीर और मक्खन, सोया मिल्क, टोफू, अंकुरित अनाज, मछली, चिकन और मटन का सेवन करना चाहिए. वहीं, डॉक्टर की सलाह पर बी12 टैबलेट, पाउडर या कैप्सूल भी ले सकते हैं. कोई भी दवा लेने से पहले विटामिन बी 12 का टेस्ट जरुर कराएं.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






