Navratri 2026: माता के 9 रूप की पूजा भक्तजन करते हैं और ऐसे में हर दिन का अपना एक महत्व है। वहीं इस सबके बीच अगर 14 अक्टूबर की बात करें तो मां कुष्मांडा की पूजा की जाएगी लेकिन क्या आपको पता है कि उनका प्रिय रंग रॉयल ब्लू है। अगर आप ब्लू के कोई भी शेड सेट को पहन रहे हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि रॉयल ब्लू ही उनका पसंदीदा रंग है जिससे वह जुड़ती है। इस बारे में आखिर नवरात्रि 2026 पर न्यूमैरोलॉजिस्ट क्या कहती है और इसके पीछे का क्या महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं।
कूष्मांडा मां की क्यों होती है पूजा
नवरात्रि 2026 पर क्या आपको पता है कि मां कुष्मांडा का स्वरूप आखिर क्यों पूजा जाता है। कहा जाता है कि जब ब्रह्मांड का अस्तित्व नहीं था और चारों और अंधकार था। तब मां ने अपनी हल्की सी हंसी से ब्रह्मांड की रचना की थी उन्हें सृष्टिकर्ता और ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाला कहा जाता है।
क्या है मां के इस चौथे रूप की खासियत
मां कुष्मांडा की वजह से हमें मुश्किलों से लड़ने की शक्ति सुरक्षा मिलता है। यह हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ हमें वह शक्ति प्रदान करती है जिससे हम हर मुसीबत से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं। जिंदगी में कुछ भी तकलीफ आए कितनी भी रुकावट आए मां कुष्मांडा की वजह से आप सभी चीजों से आगे बढ़ सकते हैं। देवी मां का यह रूप हमें पॉजिटिव एनर्जी देता है।
क्यों पहना जाता है रॉयल ब्लू रंग
कहा जाता है कि इस दिन ब्लू रंग पहनने से मां का आशीर्वाद मिलता है क्योंकि उन्हें रॉयल ब्लू रंग पसंद है। यह रॉयल्टी का प्रतीक है। यह बहुत रंगों को जॉइन करता है। अगर शास्त्रों की बात करें तो कहा जाता है कि रॉयल ब्लू रंग आत्मविश्वास, शक्ति और शांति धैर्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस रंग के वस्त्र पहनकर मां की आराधना करने से जिंदगी में पॉजिटिविटी और संतुलन बना रहता है।
Navratri 2026 पर कैसे करें मां कूष्मांडा की पूजा
मां कूष्मांडा की पूजा करने की विधि के बारे में अगर बात करें तो स्नान करने के बाद आप रॉयल ब्लू रंग के कपड़े पहन सकते हैं। उसके बाद मंदिर या पूजा स्थल को गंगाजल से साफ करें हाथ में अक्षत और फूल लेकर पूजा का संकल्प ले। मां को लाल या पीले रंग के फूल पसंद है और आप पेठा या मालपुआ का भोग लगा सकते हैं। सुहाग की सामग्री भी अर्पित कर सकते हैं।
क्या है कूष्मांडा मां के लिए मंत्र
- या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्मांडा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- ॐ ऐं ह्रीं कूष्मांडात्यै नम:॥
पूजा के अंत में आप मां दुर्गा की आरती जरूर करें।
